वैश्विक संगठन जी 20 के अध्यक्ष के रूप में भारत की भूमिका विषयक विशेष व्याख्यान का विश्वविद्यालय में आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रो.अरविंद कुमार ने कहा कि विश्व वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए भारत की तरफ देख रहा है। भारत ने वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए नेतृत्व करने की मंशा तथा दृढ़ता दिखाई है। विश्व मान रहा है कि भारत बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। साथ ही एक जिम्मेदार ग्लोबल प्लेयर के रूप में उभरा है।
बुधवार को बतौर विशिष्ट वक्ता के रूप में जेएनयू के सेंटर फॉर कनाडियन, यूएस एंड लैटिन अमेरिका स्टडीज के प्रो. अरविंद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में वैश्विक संगठन जी-20 के अध्यक्ष के रूप में भारत की भूमिका विषयक एक विशेष व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। यह व्याख्यान विदेश मंत्रालय एवं थिंक टैंक रिसर्च एंड इनफार्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज के सौजन्य से आयोजित किया गया था। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत से विदेश में शिक्षा के लिए जाने वाले छात्रों को संख्या 2021 में 4.4 लाख से बढ़कर 2022 में 7.7 लाख हो गई है। यह 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। ये छात्र 80 बिलियन डॉलर राशि विदेश ले जा रहे हैं जो भारत के शिक्षा बजट का 6.5 गुना है। वहीं विदेश से भारत आने वाले छात्रों की संख्या में कमी आयी है। 2022 में केवल 48,000 विदेशी छात्र भारत आए। हालांकि विदेश से छात्रों को आकर्षित करने की हमारे पास फिलहाल कोई नीति नहीं है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि देश के 1100 विश्वविद्यालयों में गोरखपुर विश्वविद्यालय को उन 75 विश्वविद्यालय में शामिल किया गया जो इस जी-20 के प्लेटफॉर्म को साझा कर सकते हैं। इस मौके पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो. कन्हैया आहूजा ने कहा कि जी-20 की स्थापना विश्व में आर्थिक स्थिरता स्थापित करने के लिए की गई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध की चर्चा करते हुए प्रो. आहूजा ने कहा कि आज जब चीन तथा अमरीका में शीत युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। भारत वैश्विक संघर्षों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत आज विश्व की सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में उभरा है। यह भारत की सबसे बड़ी ब्रांडिंग है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. हर्ष सिन्हा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन आरआईएस के प्रतिनिधि डा. राहुल रंजन ने किया।