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UP: करोड़ों की ज्वेलरी, खरीदारी के पीछे निकला एक ही मास्टरमाइंड-5 फर्मों के जरिए की जालसाजी

Sat, 27 Jun 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

तहरीर के अनुसार चार जून से 11 जून के बीच छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 49.92 लाख रुपये के सोने के आभूषण खरीदे गए। भुगतान विभिन्न फर्मों के बैंक खातों से ऑनलाइन होने के कारण शुरुआत में लेनदेन सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया जैसा लगा और किसी तरह की आशंका नहीं हुई।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि खरीदारी के दौरान बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी हिमेश कुमार सिंह का आधार कार्ड प्रस्तुत किया गया था।
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साइबर ठगी
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विस्तार
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शहर की प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकानों से अलग-अलग फर्मों के नाम पर लाखों रुपये के सोने के आभूषण खरीदने के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि पांच अलग-अलग फर्मों के जरिये खरीदारी करने के पीछे एक ही व्यक्ति का दिमाग था।

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आरोपी हर ज्वेलरी शॉप से 40 से 60 लाख रुपये तक के आभूषण खरीदता था और भुगतान विभिन्न बैंक खातों से ऑनलाइन करता था, जिससे किसी को संदेह नहीं हुआ। इधर, मामले की जांच के लिए गोरखपुर पहुंची मुंबई पुलिस की टीम शुक्रवार को लौट गई।

अब स्थानीय पुलिस और साइबर सेल जांच को आगे बढ़ाएंगे। पूरे मामले का सबसे अहम सुराग शाहपुर क्षेत्र के असुरन स्थित परिवार जेम्स एंड ज्वेल्स से मिला। शोरूम के मैनेजर इरफान अहमद की तहरीर पर शाहपुर थाने में 23 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।

तहरीर के अनुसार चार जून से 11 जून के बीच छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 49.92 लाख रुपये के सोने के आभूषण खरीदे गए। भुगतान विभिन्न फर्मों के बैंक खातों से ऑनलाइन होने के कारण शुरुआत में लेनदेन सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया जैसा लगा और किसी तरह की आशंका नहीं हुई।

मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि खरीदारी के दौरान बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी हिमेश कुमार सिंह का आधार कार्ड प्रस्तुत किया गया था। पुलिस जब उस पते पर पहुंची तो संबंधित व्यक्ति का मामले से सीधा संबंध नहीं मिला।

इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल पहचान छिपाने के लिए किया गया। अब साइबर सेल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की पूरी शृंखला की जांच कर रही है।

सिवान के दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर की जा रही पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने बिहार के सिवान जिले से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद युवकों को मामूली रकम तथा जेब खर्च का लालच देकर अपने साथ जोड़ता था।

उन्हें पांच-पांच हजार रुपये देकर सोने की खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खरीदारी पूरी होने के बाद आभूषण गिरोह के मुख्य सदस्यों तक पहुंचा दिए जाते थे।
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मूलरूप से कुशीनगर का रहने वाला है मास्टरमांड
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से कुशीनगर का रहने वाला है और शाहपुर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। आसपास के लोगों से वह खुद को कारोबारी बताता था। पुलिस अब मकान मालिक और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर उसके शहर में रहने, आने-जाने वालों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।

यह केवल ज्वेलरी खरीद का मामला नहीं, बल्कि संगठित साइबर ठगी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। बैंक खातों के संचालन, फर्मों के पंजीकरण, लेनदेन के स्रोत और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। इसमें शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी:निमिष पाटील, एसपी सिटी
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