गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्रावासों में बाहर से भोजन मंगाने पर प्रभावी रोक लगाई जाए। परिसरों में मादक पदार्थों के प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। विद्यार्थियों को शुद्ध एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ भोजन से सकारात्मक विचार एवं बेहतर व्यक्तित्व का विकास होता है।
वह बृहस्पतिवार को जन भवन, लखनऊ में आयोजित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए किट विकसित करने या क्रय कर किटों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से विकसित ड्रोन का अधिकतम उपयोग किसानों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने शोध गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित किए जाने पर बल दिया। कहा कि तकनीक आधारित नवाचारों को समाजोपयोगी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों से नियमित संवाद कए जाने विशेष रूप से बालिका छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता बताई। कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल शिक्षण कार्य तक सीमित न रहकर समाजहित में भी विशेष कार्य करने चाहिए।
कुलाधिपति आनंदीबेन ने एमएमएमयूटी की विशिष्ट एवं नवाचारी व्यवस्थाओं को अन्य विश्वविद्यालयों में भी लागू किए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने स्टार्टअप गतिविधियों में आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए व विभिन्न एमओयू के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को शासन स्तर से दूर कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के तहत विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने ‘समर्थ’ पोर्टल के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों को शीघ्र दूर किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शासन स्तर से विश्वविद्यालय को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। बैठक में ओएसडी डाॅ. सुधीर महादेव बोबडे व डॉ. पंकज एल. जानी, कुलपति प्रो. जेपी सैनी, डीन, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष व निदेशक मौजूद रहे।
पीएम के विचारों पर कार्ययोजना बनाकर करें कार्य
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऊर्जा संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के संबंध में विचार रखे हैं। उन पर विश्वविद्यालयों को ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में ‘मां-बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए जाने भी बल दिया।