गोरखपुर। जाली नोटों के बड़े नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपियों की जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने खारिज कर दी है। अदालत ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को गंभीर मानते हुए आरोपियों को राहत देने से इन्कार कर दिया।
बीते 25 मई को एसओजी और शाहपुर पुलिस की टीम ने पादरी बाजार क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी कर नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान एक शटरनुमा दुकान के अंदर प्रिंटिंग प्रेस, कंप्यूटर और केमिकल की मदद से नकली नोट तैयार करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में करन सिंह, अधिवक्ता मोहित कुमार, प्रिंटिंग प्रेस संचालक विशाल शर्मा, कमर्चारी आशीष शर्मा और कुशीनगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक आकाश सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी आपस में मिलकर जाली नोटों का कारोबार कर रहे थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आकाश सिंह को बस्ती के एक युवक के जरिये बिहार के पटना में सक्रिय जाली नोट गिरोह के सरगना की जानकारी मिली थी। इसके बाद आकाश, करन और मोहित पटना पहुंचे, जहां 10 लाख रुपये असली के बदले 40 लाख रुपये नकली नोट की डील तय हुई। पहली खेप में 25 लाख रुपये के नकली नोट दिए गए थे। पुलिस की ओर से दिए गए साक्ष्यों के आधार पर सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है।