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Gorakhpur AIIMS: डॉक्टर के साथ छेड़खानी से एम्स कैंपस में खौफ, ईडी ने बैठक बुलाई- करेंगी संवाद

Wed, 25 Feb 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

पीड़ित डॉक्टर रविवार की रात हुई घटना से काफी सहमी हैं। उनका कहना है कि संयोग अच्छा रहा कि रास्ते में उनके साथ कोई अनहोनी नहीं घटी। मोहद्दीपुर के मॉल से लेकर एम्स के गेट तक मनबढ़ पीछे-पीछे हूटिंग करते हुए आए थे। गेट के अंदर जाने के बाद भी उन्हें सदमा लगा रहा। मनबढ़ अलग-अलग बोली में गंदे-गंदे कमेंट और छेड़खानी कर रहे थे।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक विभा दत्ता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एम्स की डॉक्टर (जूनियर रेजिडेंट) के साथ छेड़खानी की वारदात के बाद परिसर में खौफ का माहौल है। कार्यकारी निदेशक (ईडी) ने परिसर का माहौल सामान्य करने के लिए बुधवार को फैकल्टी की बैठक बुलाई है। ईडी का कहना है कि डॉक्टरों संग वूमन सेफ्टी और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगी।
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उधर, पीड़ित जूनियर रेजिडेंट ने पूरी घटना की जानकारी एम्स थाने में पुलिस को दी है। उन्होंने लिखित और वीडियो में बयान दर्ज कराया है।

पीड़ित डॉक्टर रविवार की रात हुई घटना से काफी सहमी हैं। उनका कहना है कि संयोग अच्छा रहा कि रास्ते में उनके साथ कोई अनहोनी नहीं घटी। मोहद्दीपुर के मॉल से लेकर एम्स के गेट तक मनबढ़ पीछे-पीछे हूटिंग करते हुए आए थे। गेट के अंदर जाने के बाद भी उन्हें सदमा लगा रहा। मनबढ़ अलग-अलग बोली में गंदे-गंदे कमेंट और छेड़खानी कर रहे थे।

पीड़िता आश्वस्त है कि पुलिस उनके साथ पूरी तरह न्याय करेगी। बताया कि पूरे रास्ते छेड़खानी करते हुए पीछे-पीछे लड़के आ रहे थे, लेकिन किसी ने भी उन्हें रोका-टोका नहीं। किसी राहगीर ने भी आगे बढ़कर उन्हें सबक सिखाने की नहीं सोची। इसका भी दुख है।

अगर राहगीर उन्हें रास्ते में ही पकड़ लेते तो तुरंत किए की सजा भी मिल जाती। पीड़िता ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को वह पुलिस के सामने रख चुकी हैं। इससे ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं है।

उधर, मंगलवार को भी पूरे परिसर में इसी बात की चर्चा रही। एक छात्रा ने बताया कि हैरत है कि तीन युवक सड़क पर खुलेआम सीमा पार करते हुए डॉक्टर के साथ अभद्रता, छेड़खानी कर रहे थे लेकिन किसी ने उन्हें रोका नहीं। राहगीरों और सीसीटीवी कैमरों के बावजूद आरोपियों ने डॉक्टर को घूरा, अपशब्द कहे और छेड़खानी (बैड टच) की।

पीड़िता की एक साथी ने बताया कि छेड़खानी के अलावा डॉक्टर को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इतनी दूर आकर पढ़ाई करने और एम्स से बाहर निकलने पर ऐसी घटनाओं ने अन्य महिला जेआर का डर बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अब हमें इस माहौल से खुद को बाहर निकालने में काफी समय लगेगा।

अब किसी महिला छात्रा का बाहर निकलना काफी मुश्किल
कुछ महिला जेआर (जूनियर रेजिडेंट) ने बताया कि इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। रविवार या शनिवार को शहर में निजी जरूरतों के लिए अक्सर खरीदारी करने हम सभी जाते हैं। अब ऐसे माहौल में कोई कैसे जा पाएगा।
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बैठक में छात्राओं को दिया जाएगा सुरक्षा का भरोसा
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता बुधवार को एम्स में फैकल्टी के साथ बैठक करेंगी। वह खुद घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं। बताया कि संवाद के जरिये परिसर का माहौल सामान्य करेंगी। डॉक्टरों संग वूमन सेफ्टी और अन्य मुद्दों पर चर्चा करते हुए अहम जानकारियां देंगी और गोपनीय तरीके से महिला फैकल्टी से उनकी दिक्कतें और निजी परेशानियों को लेकर भी चर्चा करेंगी।

उन्होंने कहा कि इसमें अगर किसी की दिक्कत या परेशानी सामने आएगी तो उसका समाधान करवाया जाएगा।
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