गोरखपुर। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों अधिवक्ताओं का सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में राजघाट पर दाह संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय बड़ी संख्या में अधिवक्ता और परिजन मौजूद रहे।
हादसे ने परिवार के साथ अधिवक्ता समाज को भी गहरे सदमे में डाल दिया। अधिवक्ता संजय सिंह के परिवार में उनकी दो बेटियां उर्वशी और अंशिका हैं, जो लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के दौरान बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाना परिवार के लिए सबसे बड़ा आघात है। संजय के पिता रामनारायण सिंह सिंचाई विभाग में जेई पद से सेवानिवृत्त हैं। बेटे की असमय मौत से बुजुर्ग पिता भी गहरे सदमे में हैं। राजघाट पर अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद अधिवक्ताओं और परिजनों की आंखें नम थीं। किसी को भरोसा नहीं था कि रोजमर्रा की तरह घर से निकले संजय और उनके साथी आलोक अस्थाना इस तरह वापस नहीं लौटेंगे। हादसे के बाद से परिवार में मातम है और बेटियों के भविष्य को लेकर भी चिंता का माहौल है।