पादरी बाजार (गोरखपुर)। रेलवे में ठेका दिलाने का झांसा देकर 42.83 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर शाहपुर पुलिस जौनपुर जिले के चंदबक थाना क्षेत्र के हबुसही गांव निवासी और पश्चिम बंगाल के चितरंजन में तैनात रेल अधिकारी अरुण कुमार सिंह, उसके पिता तेज बहादुर सिंह, गांव के संतोष कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के असुरन स्थित भेड़ियागढ़ निवासी दीपक कुमार सिंह ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि फरवरी 2024 में वह जौनपुर के हबुसही गांव में अपने मामा के घर गए थे। वहीं उनकी मुलाकात अरुण कुमार सिंह से हुई। मामा ने बताया कि अरुण सिंह उनके गांव के हैं और पश्चिम बंगाल के चितरंजन में रेलवे में अधिकारी पद पर कार्यरत हैं।
आरोप है कि बातचीत के दौरान अरुण कुमार सिंह और उसके पिता तेज बहादुर सिंह ने दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों को रेलवे में ठेका दिला चुके हैं। यदि रुपये की व्यवस्था कर दी जाए तो दीपक को भी रेलवे का ठेका दिलवा देंगे। इस झांसे में आकर दीपक कुमार सिंह ने फरवरी और अप्रैल 2025 के बीच कई बार में 15 लाख रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर किए।
बाद में आरोपियों ने यह कहकर और रुपये की मांग की कि रकम कम होने के कारण ठेका नहीं मिल पाया है। इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग समय पर कुल 42.83 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। जब ठेका नहीं मिला और पीड़ित ने अपने रुपये मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय तक आरोपियों ने रुपये का ब्याज दिया, लेकिन बाद में वह भी देना बंद कर दिया।
मजबूर होकर पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने अरुण कुमार सिंह, तेज बहादुर सिंह और संतोष कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह के अनुसार, मुख्य आरोपी अरुण कुमार सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल के चितरंजन में अधीक्षक उपमुख्य पद पर कार्यरत हैं। मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।