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Gorakhpur News: खुले नाले में गिरा बच्चा, पेट में सरिया धंसने से मौत

Fri, 20 Feb 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- चिलुआताल थाना क्षेत्र का मामला, जीडीए के टेक्निकल सुपरवाइजर की सेवा समाप्त, जेई के निलंबन की संस्तुति
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गुलरिहा। चिलुआताल थाना क्षेत्र की राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी में बुधवार की शाम साइकिल सवार बालक कन्हैया (12) की खुले नाले में गिर जाने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाल ही में बना नाला कुछ जगहों पर खुला हुआ है और इसमें सरिया भी निकला हुआ है। नाले में गिरते ही कन्हैया के पेट में सरिया धंस गया जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने नाला निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मुड़िला उर्फ मुंडेरा निवासी श्याम सुंदर चौरसिया का बेटा कन्हैया बुधवार की शाम करीब पांच बजे साइकिल से वार्ड नंबर 5, मानबेला, राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी से घर लौट रहा था। इस रास्ते पर हाल ही में नाला बना है जिस पर कई जगह स्लैब नहीं पड़ा है और नाला खुला हुआ है। आरोप है कि ठेकेदार ने नाले में लगाया गया लोहे का अतिरिक्त सरिया भी नहीं निकलवाया है। साइकिल अनियंत्रित होने से कन्हैया नाले में जा गिरा और नाले में खड़ा सरिया उसके पेट में घुस गया।
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आसपास मौजूद लोगों ने कन्हैया के परिजनों को सूचना दी और उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची मेडिकल चौकी की पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कन्हैया के पिता श्याम सुंदर ने चिलुआताल पुलिस को तहरीर देकर ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया और उसे इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पिता ने वैलेंटाइन डे पर गिफ्ट की थी साइकिल
- दोस्तों के साथ सीख रहा था साइकिल चलाना, हादसे में गंवा बैठा जान


गुलरिहा। श्याम सुंदर चौरसिया के तीन बेटों में कन्हैया सबसे बड़ा था। दो और बेटे किशन (8) और शिवा (6) हैं। श्याम चौरसिया सब्जी का व्यापार कर परिवार चलाते हैं। उनकी पत्नी साधना गृहिणी हैं। श्याम ने बताया कि कन्हैया को साइकिल चलाने का शौक था। वह दूसरे बच्चों से साइकिल मांगता था। तब उसे डांट सुननी पड़ती थी। यह देखकर अच्छा नहीं लगता था। वैलेंटाइन डे पर 2600 रुपये में एक साइकिल खरीदकर कन्हैया को गिफ्ट की थी।
श्याम ने बताया कि कन्हैया दोस्तों के साथ साइकिल चलाना सीख रहा था। पांचवीं में पढ़ने वाला कन्हैया बुधवार की शाम दोस्तों के साथ साइकिल चलाते वार्ड नंबर-5 मानबेला, राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी की ओर चला गया था। उधर से लौटते समय शाम करीब पांच बजे साइकिल लेकर खुले नाले में गिर गया और उसके पेट में सरिया धंस गया।
सब्जी बेचने निकले श्याम को जब बेटे के साथ हुए हादसे की जानकारी हुई तो वह भागते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। श्याम सुंदर ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने कन्हैया को नाले से निकालकर सड़क पर लिटा दिया था और वह दर्द से तड़प रहा था। मौजूद लोगों की मदद से श्याम बेटे को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचा जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। श्याम ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अतिरिक्त सरिया नाले से नहीं निकलवाया है साथ ही नाले पर स्लैब भी नहीं डलवाया है इसी वजह से ही बच्चे की जान चली गई।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय लोगों ने जीडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं। नाला निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि नाला निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। न तो नाले को ढका गया है और न ही सरिया हटाया गया, यही वजह रही कि एक बच्चा जान गंवा बैठा। क्षेत्रवासियों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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