- न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, सिकरीगंज के ओटी में बरती गई लापरवाही, मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में पुष्टि
- मोतियाबिंद ऑपरेशन के 22 लोगों की आंखों में संक्रमण फैला, नौ की आंख निकाली गई और 10 मरीजों की गई रोशनी
गोरखपुर। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, सिकरीगंज के ऑपरेशन थिएटर में बैक्टीरियल संक्रमण के चलते मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों के आंख में संक्रमण फैला था। सर्जरी वाले ट्रे में रखे गए ऑपरेशन के औजर के नमूनों की जांच में संक्रमण पाया गया है। वहीं, आपरेशन में इस्तेमाल होने होने वाली मशीन की बटन में घातक स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया मिला है। मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के बाद अब हॉस्पिटल के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक फरवरी 2025 को मोतियाबिंद ऑपरेशन के 22 लोगों की आंखों में संक्रमण फैल गया था। इनमें करीब 10 लोगों की आंख की रोशनी जा चुकी है। जबकि, 9 लोगों की आंखें निकाली जा चुकी है। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी बनाई। कमेटी अभी जांच ही कर रही थी की डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच कमेटी गठित कर दी। सीएमओ की कमेटी ने मजिस्ट्रीयल जांच कमेटी को अपनी पूरी रिपोर्ट सौंप दी। इस दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलाजी विभाग की कल्चर जांच की रिपोर्ट भी आ गई। बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की जांच में बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है। यह रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दी गई है। जांच टीम लगातार प्रभावित मरीजों के घर जाकर बयान दर्ज कर रही है।
उधर, बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रीयल जांच का नेतृत्व कर रहे अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहदेव मिश्र की कमेटी ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऑपरेशन में इस्तेमाल स्टूमेंट के सेनेटाइजेशन में भी लापरवाही मिली है। मानक के अनुसार इसकी व्यवस्था ऑपरेशन थिएटर में ही होनी चाहिए लेकिन हॉस्पिटल में ओटी के बाद एक और कमरा था जहां मरीजों की थिरेपी होती है। इसके बाद सेनेटाइजेशन किया जाता था। इससे भी संक्रमण हो सकता है।
न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल के ओटी में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में अगर कोई पीड़ित शिकायत करता है तो मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
दीपक मीणा, डीएम