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Gorakhpur News: पेट्रोल पंप में साझेदार बनाने का दिया प्रस्ताव, सराफा कारोबारी के हड़प लिए 15 लाख - केस दर्ज

Tue, 16 Apr 2024 09:59 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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Fir demo - फोटो : फाइल फोटो
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 राजघाट थाना क्षेत्र के बसंतपुर इलाके में सराफा कारोबारी से पेट्रोल पंप में साझेदार बनाने के नाम पर 15 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित सराफा कारोबारी की तहरीर पर 15 अप्रैल को राजघाट थाने में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि रूपये मांगने जाने पर आरोपी देख लेने की धमकी देने के साथ अपशब्द कहता था।
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राजघाट थाने में दी तहरीर के मुताबिक, बसंतपुर निवासी सराफा कारोबारी महेश वर्मा की लक्ष्मी प्रसाद महेश कुमार ज्वेलर्स के नाम से फर्म है। इन्हीं के मोहल्ले के पवन कुमार श्रीवास्तव का एक पेट्रोल पंप उरूवा बाजार में है। महेश ने आरोप लगाया कि मोहल्ले की वजह से पवन से अच्छी जान पहचान हो गई थी, इसी का गलत फायदा पवन कुमार ने उठाया।

महेश ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में पवन उनके पास आया और बताया कि उसकी पत्नी रश्मि श्रीवास्तव, लक्ष्मी फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप चलाती हैं, जिसे चलाने में दिक्कत आ रही है। यह बताकर महेश वर्मा से पेट्रोल पंप में साझेदार बनाने के नाम पर 15 लाख रुपए मांगे।
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पवन ने महेश वर्मा से कहा कि इससे उनकी भी अच्छी आय भी होगी। पवन की स्थिति को देखते हुए महेश ने 15 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद से लगातार साझेदार बनाने का बात पर टालते रहे। 2023 में एक बार फिर से पुरानी बात याद दिलाकर साझेदार बनाए जाने की बात कही तो पवन कुमार ने परिवार के लोगों की असमर्थता बताते हुए साझेदार बनाने से ही मना कर दिया। इसके बाद जब जब प्रार्थी ने अपना 15 लाख रुपये मांगा तो पवन कुमार टालते रहे।

 पैसे मांगने पर दे रहा धमकी
पीड़ित महेश वर्मा का कहना है कि बाद में पार्टनर बनाने के नाम पर पवन टाल मटोल करने लगा। जब उन्होंने रुपए वापस मांगे तो एक फर्जी चेक उन्हें दे दिया। जब पीड़ित ने बैंक में चेक लगाया तो पता चला वह वैध नहीं है। इसके बाद वह काफी दिनों तक इसी तरह टाल मटोल करता रहा। इसी बीच पांच मार्च को पीड़ित ने अपने 15 लाख रुपए मांगे तो पवन नाराज होकर जान से मारने की धमकी देने लगा।

एक महीने बाद दर्ज हुआ केस
पीड़ित महेश वर्मा ने बताया कि 15 मार्च को थाने में तहरीर दी गई थी। इसके बाद मुझसे ही रुपये, चेक और अन्य विषयों पर थाने की जांच शुरू हो गई। पहले इतने रुपये मेरे पास कहां से आए, इसकी जांच हुई। इसके बाद जो चेक का हवाला दिया था, वो चेक असली है या नकली इसकी जांच के लिए ऊरूवा के बैंक जाकर जांच करवाया।

इसी सबमें लंबा समय बीतने के बाद थक-हार तक एसपी सिटी के पास जाकर फरियाद लगाई। इसके बाद केस दर्ज किया जा सका।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सराफा व्यापारी के तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। एक चेक की बात भी सामने आई है, उसकी जांच करवाई जा रही है। पूरे मामले की जांच कर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी।
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