गोरखपुर जिले में जेल जाने के डर से 92 साल के भिखारी भुज की मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिवार वालों का कहना है कि दो दिन पहले जब उन्हें वारंट की जानकारी हुई, तभी से डर गए थे। समझाने के बाद भी नहीं माने और उनकी जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक, कस्बे के पुराना गोला मोहल्ला निवासी भिखारी भुज भूजा भूजने का कार्य करते थे। काफी समय पूर्व पारिवारिक विवाद में उनके ऊपर एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें वह जेल भी गए थे।
उनके दामाद अयोध्या प्रसाद ने बताया की दो दिन पहले उसी मामले में थाने से वारंट आया था। पुलिस द्वारा बताने पर वह सदमे में आ गए, कहे कि मुझे फिर जेल जाना पड़ेगा। काफी समझाने के बाद भी वह एक ही रट लगाते रहे। सदमे में होने के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई और मंगलवार की सुबह मौत हो गई। वह सोखा के नाम से प्रसिद्ध थे।