जानकारी के अनुसार महिला को राजघाट पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में 2008 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से वह जेल में थी। उसे 23 सितंबर 2010 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
महिला 26 जनवरी 2021 तक 12 वर्ष, आठ माह 13 दिन की अपरिहार सजा व 14 वर्ष, 5 माह, सात दिन की सपरिहार सजा काट चुकी है। जिसके बाद आचरण व उम्र को देखते हुए बाकी की सजा माफ की गई। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि शासन से अनुमति आने के बाद महिला कैदी को 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरवाकर रिहा किया गया है। वहीं रिहा होकर निकलते ही महिला फफक कर रोने लगी। बिलखते हुए बोली कि अब मेरी अर्थी घर से ही उठेगी।
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