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पीएम कुसुम योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं लोग, 70 प्रतिशत अनुदान फिर भी सोलर पंप नहीं खरीद रहे किसान

Mon, 07 Dec 2020 12:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
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सोलर प्लांट - फोटो : pixabay
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प्रचार-प्रसार के अभाव में कृषि विभाग की योजनाएं दम तोड़ रही हैं। सबसे बुरा हाल पीएम कुसुम योजना का है। शासन ने इस योजना के तहत देवरिया जिले के 212 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आठ माह बीत गए विभाग अबतक 139 किसानों तक पहुंच बना पाया है।

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कृषि विभाग की ओर से पीएम कुसुम योजना के तहत अलग-अलग क्षमता के सोलर पंप दिए जा रहे हैं। इन पर राज्य सरकार 30 प्रतिशत और केंद्र सरकार की ओर से 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

इस योजना की शुरूआत पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर हुई, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में कोई किसान बाद में कृषि विभाग के दफ्तर नहीं पहुंच रहा। विभाग के कोटे में टू एचपी डीसी 1800 वाट के 47, टू एचपी एसी 1800 वाट के 22, थ्री एचपी डीसी 3000 वाट के एक और टू एचपी एसी 3000 वाट के तीन सोलर पंप बचे हैं।
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यह है सोलर पंप प्राप्त करने की पात्रता

कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान के पास दो एचपी सोलर पंप के लिए चार इंच की बोरिंग व अधिकतम 22 फुट पर जलस्तर प्राप्त होना चाहिए। थ्री एचपी सोलर पंप के लिए छह इंच की बोरिंग तथा अधिकतम 50 मीटर गहराई तक प्राप्त जलस्तर उपयुक्त होगा। लघु सीमांत कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिनके पास विद्युत चालित पंप हैं वे अपात्र माने जाएंगे।

सोलर पंप के प्रकार               दाम               कृषक अंश
टू एचपी डीसी 1800 वाट    123605             49442
टू एचपी एसी 1800 वाट    123603               49441
थ्री एचपी डीसी 3000 वाट    169370            67748
टू एचपी एसी 3000 वाट    165558              66223

उप कृषि निदेशक एके मिश्रा ने कहा कि पीएम कुसुम योजना के प्रचार प्रसार में किसी प्रकार की कमी नहीं की जा रही। यह किसानों की रुचि पर निर्भर है। किसान यदि सोलर पंप खरीदते हैं तो उन्हें डीजल इंजन के मुकाबले किफायती सिंचाई सुविधा सुविधा मिलेगी।
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