पीड़ितों ने अनूप के जरिये जमीन खरीदने के लिए में फर्म में रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद योगेश मणि तिवारी को 25 प्रतिशत कैश जमा किया। प्रतिमाह चेक व ऑनलाइन किस्त जमा करते रहे। दीनदयाल का आरोप है कि धनराशि भी लगभग पूर्ण होने को है, लेकिन कब्जा नहीं दिया जा रहा है। जमा धनराशि मांगने पर वापस न करने की धमकी दी जा रही है।
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मॉडल शॉप और नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरपीएफ के दरोगा, उसके बेटे और बहू पर 11.50 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। एम्स पुलिस पीड़ित की तहरीर पर रुपये हड़पने, जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज देने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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देवरिया जिले के बसंतपुर निवासी अजय वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी शालिनी नर्सिंग की पढ़ाई करना चाहती थी। 26 नवंबर 2022 को पटना में परीक्षा होनी थी। एम्स इलाके का रहने वाला भास्वर शर्मा बेटी को लेकर पटना गया और भरोसा दिया कि पटना नहीं तो लखनऊ में वह दाखिला करवा देगा।
इसके लिए उसने 25 हजार रुपये भी खाते में मंगलवा लिए। दाखिले से संबंधित कागजात भी दे दिया। फिर 15 अप्रैल 2023 को पटना में मॉडल शॉप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर भी रुपये लेकर कागजात दिया। दोनों कागजात जांच करने पर फर्जी निकले। ऐसा कर तीनों ने मिलकर 11.50 लाख की ठगी कर ली।