लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक इस फोरलेन के निर्माण से पहले वन विभाग को उस रास्ते में पड़ने वाले 545 पेड़ों को काटना होगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से वन विभाग को 45 लाख दे दिया गया है। बिजली विभाग के तार खंभे, ट्रांसफार्मर, तथा जल निगम की पाइप लाइन को बदला जाना है। इन विभागों से एस्टीमेट मांगा गया है।
इनको मुआवजा देकर इसे हटाया जाएगा। वैसे विभाग के लोगों का कहना है कि इसका टेंडर कर दिया गया है। टेक्निकल बीट खोली गई है। टेंडर डालने वालों के कागजात की जांच की जा रही है। इस महीने तक टेंडर की सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। 15 मार्च के बाद काम शुरू किया जाएगा। जो खाली जमीन होगी वहां काम शुरू हो जाएगा। जैसे-जैसे जमीन मिलती जाएगी काम होता रहेगा।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आर बी सिंह ने कहा कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जाना है उसका मुआवजा बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद मुआवजा वितरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया चल रही है। पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।