गोरखपुर और महराजगंज में सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई एक्ट) से जुड़े 458 मामले लंबित हैं। इनमें गोरखपुर में सर्वाधिक 352 मामले हैं। इसमें 173 मामले राजस्व के, शिक्षा विभाग के 145 और चिकित्सा संबंधी 34 मामले शामिल हैं।
इसी तरह महराजगंज में राजस्व के 55, शिक्षा के 34 और चिकित्सा के 17 मामले लंबित हैं। राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने इसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए समय से मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
राज्य सूचना आयुक्त, सोमवार को दोनों जिलों के राजस्व, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के जन सूचना अधिकारियों, सहायक जन सूचना अधिकारियों के साथ आरटीआई मामलों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आम जन को त्वरित सूचना दिलाने के उद्देश्य से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित आवेदनों की सुनवाई अगले वर्ष से जिलेवार करने की योजना है।
उन्होंने निर्देश दिया कि आरटीआई के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। साथ ही उसके रिकार्ड सही तरीके से संकलित किए जाएं। सभी अधिकारियों को आरटीआई के आवदेनों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देने को कहा। बैठक में एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम गुप्ता, सभी एसडीएम, तहसीलदार, डीआईओएस आदि अधिकारी मौजूद रहे।
आवेदनों का समय से उत्तर दें
राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि किसी भी आवेदन का समय से उत्तर दें और संबंधित को वांछित सूचना देकर संतुष्ट भी करें। राज्य सूचना आयुक्त ने नगर निगम के प्रत्येक विभाग में कुल 14 जन सूचना अधिकारी नियुक्त करने पर प्रसन्नता जताई।