गोरखपुर। निवेश की रकम 400 दिन में दोगुनी करने और प्रतिदिन 0.5 प्रतिशत आय देने का दावा कर करीब 2,000 लोगों से 40 करोड़ रुपये से अधिक जमा कराने वाली कंपनी पर अब रकम लौटाने में आनाकानी का आरोप लगा है। निवेशकों का कहना है कि कंपनी ने शुरुआती दौर में नियमित भुगतान किया लेकिन बाद में अलग-अलग कारण बताकर भुगतान रोक दिया। रकम वापसी के लिए दिए गए पोस्ट डेटेड चेक भी बाउंस हो रहे हैं।
निवेशकों की ओर से एसएसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र के मुताबिक, कंपनी के सीएमडी और उनके सहयोगियों ने प्रदेश के कई जिलों में टीम लीडरों के माध्यम से निवेशकों को जोड़ा। लोगों को ऑनलाइन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर कंपनी की योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। दावा किया गया कि निवेश की गई रकम पर रोजाना 0.5 प्रतिशत की दर से आय मिलेगी और 400 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी।
निवेशकों के अनुसार, कंपनी ने 10 लाख रुपये से कम की जमा राशि के लिए नोटरी एफिडेविट और 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर जमीन का एग्रीमेंट देने की बात कही थी। इससे निवेशकों को रकम की सुरक्षा का भरोसा दिया गया। आरोप है कि 11 जनवरी 2026 तक कंपनी ने खातों में 0.5 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से अर्जित आय का भुगतान किया। इसके बाद सॉफ्टवेयर अपडेट का हवाला देकर भुगतान रोक दिया गया। बाद में कंपनी के सीएमडी की पत्नी की शादी का कारण बताते हुए भी भुगतान टाला गया। अप्रैल में निवेशकों ने मूलधन वापस मांगना शुरू किया तो कंपनी की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए गए। आरोप है कि बैंक खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण ये चेक लगातार बाउंस हो रहे हैं। इससे निवेशकों में आक्रोश है।
लखनऊ में शिकायत के बाद गोरखपुर में भी पहुंचे निवेशक
निवेशकों का कहना है कि उन्होंने लखनऊ के आशियाना थाने में भी शिकायत की थी लेकिन मुख्य सरगना समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गोरखपुर में भी कंपनी के खिलाफ शिकायत दी गई। निवेशकों ने अधिकारियों से जमा रकम वापस दिलाने, कंपनी के निदेशकों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।