गोरखपुर में अब रेलकर्मियों को शुगर, किडनी, लीवर आदि की जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पंडित ललित नरायन मिश्र चिकित्सालय में ही खून से संबंधित 38 तरह की जांचें फौरन हो जाएंगी। इसके लिए अस्पताल में ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनलाइजर मशीन (स्वचलित जैव रसायन विश्लेषक) ईएम 360 लगा दी गई है। इससे पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय और कारखाना के करीब 15 हजार रेलकर्मियों और उनके परिजनों को इलाज में सुविधा मिलेगी।
इस ऑटोमेटिक मशीन की खासियत यह है कि एक साथ 60 नमूने लिए जा सकेंगे और एक घंटे में 360 तरह की जांच हो सकेगी। इसके अलावा अगर इमरजेंसी में कोई और भी सैंपल इस मशीन में लोड किया जाएगा तो वह ऑटोमेटिक चलने लगेगी और रिपोर्ट आ जाएगी। यानी दो नमूने की जांच चल रही है और दो बाद में करनी है तो ऐसे में मशीन को रोकने की जरूरत नहीं है। जब नए नमून डाले जाएंगे तभी से मशीन उसकी जांच करने लगेगी। इसके लग जाने से कम कर्मचारियों में ज्यादा से ज्यादा रिपोर्ट आ सकेगी।
बदली नहीं जाएगी टेस्टट्यूब
रेलवे अस्पताल के डिप्टी सीएमडी डॉ. नंद किशोर ने बताया कि मरीज के खून का नमूना जिस टेस्टट्यूब में लिया जाएगा, उसे ही जांच के लिए मशीन में लगाया जाएगा। अमूमन नमूने को दूसरे टेस्टट्यूब में डाला जाता है जिससे कभी-कभी नमूना बदल भी जाता है। नई प्रक्रिया से रिपोर्ट सौ फीसदी मरीज की ही रहेगी।