हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज कैंसर के आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर माउथ कैंसर, बच्चेदानी के मुंह और स्तन कैंसर के मरीज शामिल हैं। जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या 10 के आसपास ही हैं।
कैंसर के सबसे बड़े कारण
- तंबाकू और उससे बने उत्पादों का सेवन।
- लंबे समय तक शराब का सेवन।
- जंक फूड और फास्ट फूड का इस्तेमाल ।
- शरीर में गांठें बनना। बार-बार एक्स-रे करवाना।
कैंसर के लक्षण
- अचानक शरीर का वजन बढ़ना और कम होना।
- कमजोरी और थकान होना।
- त्वचा के नीचे गांठ बनना।
- बोलने में दिक्कत महसूस होना।
- बार-बार बुखार आना।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश रावत ने कहा कि कैंसर के ज्यादातर मामले मुंह और गले के कैंसर के आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह तंबाकू और उससे बने उत्पाद का सेवन करना है। खान-पान और बदल रही जीवन शैली में अगर बदलाव किया जाए, तो इससे बचा जा सकता है।
हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. एचबी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से कैंसर के मरीज ठीक हो रहे हैं। सही समय पर अगर कैंसर रोग की पहचान हो जाए तो आसानी से इलाज है। लोगों को योगाभ्यास पर ध्यान देने की जरूरत है। तेल-घी वाले सामान का सेवन कम करें। गुटका, पान मसाला से दूरी बनाएं। यह ज्यादा खतरनाक है।
पेट का कैंसर दूषित पानी से हो रहा
पेट का कैंसर दूषित पानी के सेवन से हो रहा है। पूर्वांचल में पेट से जुड़े कैंसर के मरीज आ भी रहे हैं। यह बातें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विनायक अग्रवाल ने कहीं। वह बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि मुंह, जीभ, पित्त और गले के कैंसर के अलावा पेट से जुड़े कैंसर भी खतरनाक है। लेकिन अगर सही समय पर इसका इलाज हो जाए तो मरीजों को बचाया जा सकता है। होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. रुप कुमार बनर्जी ने बताया कि अगर सही समय पर कैंसर के बारे में पता चल जाए तो होम्योपैथ में भी इसका इलाज संभव है। होम्योपैथी में इसका इलाज बेहद सस्ता और सुलभ है।