गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद रत्नम को कैंसर की संभावित दवा की खोज के लिए 33 लाख का अनुदान मिला है। विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (डीएसटी-एसईआरबी), नई दिल्ली ने उनके ‘नोवेल गोल्ड ऑर्गेनोमेटेलिक कॉम्प्लेक्स का संश्लेषण: संभावित एंटी कैंसर एजेंटों और कुशल उत्प्रेरक के रूप में अनुप्रयोग’ शोध-क्षेत्र पर रिसर्च ग्रांट की अनुमति दी है।
विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड ने रिसर्च-ग्रांट के अंतर्गत डॉ. आनंद को तीन वर्षों के लिए शोध की सुविधा दी है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी व आईआईटी, रुड़की से शोध प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. आनंद रत्नम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, यूपी से प्रायोजित प्रोजेक्ट भी संचालित कर रहे हैं।
रसायन विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुधा यादव, प्रो. सौमित्र सेन गुप्ता, प्रो. ओम प्रकाश पांडेय, प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो. अफ्शां सिद्दीकी ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।