वहीं, महानगर के तीन उप डाकघरों में सैकड़ों निष्क्रिय खातों से 92 लाख रुपये गायब हुए थे। इसकी जांच भी चल रही थी। इसी बीच आरोग्य मंदिर उप डाकघर से पेंशन खाते से आठ लाख रुपये गायब करने का मामला भी सामने आ गया। इन सभी मामलों में एसएसपी, डाक ने चार लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया। साथ ही पोस्ट मास्टर जनरल ने विभागीय जांच बैठा दी। जांच टीम में प्रधान डाकघर के अलावा लखनऊ और एसएसपी डॉक के कार्यालय में तैनात अधिकारियों को रखा गया। अब एक साल की जांच के बाद रिपोर्ट जांच टीम ने सौंपी है।
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि गबन के कुछ मामलों में विभागीय जांच चल रही थी। रिपोर्ट के आधार पर 33 लोगों को अलग-अलग वर्ग का दोषी पाया गया है। सभी को चार्जशीट जारी करने के साथ ही उनसे पक्ष लिया जाएगा। संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
ये हैं मुख्य आरोपी
शैलेष सिंह, अमरजीत, पीसी पांडेय, प्रभात त्रिपाठी, गया प्रसाद, गितेश पांडेय, एमपी तिवारी