गोरखपुर विश्वविद्यालय में तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर और एक वृहद स्तर के सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। पांच से सात नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन तो दिसंबर में सार्क देश के कुलपतियों के कान्क्लेव का आयोजन होगा। इसमें 250 कुलपति शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक 24 से 26 सितंबर तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय, 15 व 16 अक्टूबर को कबीरदास, गोरखनाथ और संत रविदास पर सेमिनार होगा। सभी सेमिनार के सफल आयोजन के लिए समन्वयकों का नाम निर्धारित करने के साथ कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर (24 से 26 सितंबर) आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समन्वयक प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी को बनाया गया है।
तीन दिवसीय सेमिनार देश के कोने-कोने से शिक्षाविद् शामिल होंगे। 15 व 16 अक्तूबर को संतकबीर, संत रविदास व संत गोरखनाथ की शिक्षाओं और दर्शन पर आधारित त्रिधारा कार्यक्रम के अंतर्गत वृहद सेमिनार का आयोजन होगा। सेमिनार के कोआर्डिनेटर हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो.दीपक प्रकाश त्यागी होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 अप्रैल से दो मई तक आयोजित राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन के माध्यम से 15 हजार विद्यार्थियों का डाटा बेस तैयार किया है। साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को आनलाइन विभागीय सम्मेलनों का आयोजन कर अपने अपने विभागों के पुरातन छात्रों की सूची को अपडेट करने का निर्देश दिया है। दिसंबर में सार्क देश के कुलपतियों के महासम्मेलन का आयोजन होगा। इसके समन्वयक अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह होंगे।