नर्सों के इस तरह के आवेदन में गुटबाजी भी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि एम्स के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टरों के बीच विवाद चल रहा है। इससे एम्स में दो फाड़ हो गए हैं। मरीजों के भर्ती होने में भी दिक्कत आ रही है। इमरजेंसी में इक्का-दुक्का मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि हाल ही में इमरजेंसी का उद्घाटन एम्स के निदेशक ने किया।
एम्स मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि यह सही है कि एम्स में तैनात 250 नर्सिंग स्टाफ ने एनओसी के लिए आवेदन किया है। वह अपने गृह जनपद के पास के एम्स में तैनाती चाहते हैं। अब तक 16 नर्सिंग ऑफिसर ने इस्तीफा दे दिया है। इलाज में किसी तरह की दिक्कत नहीं है।