नेपाल की सीमा से सटे गोरखपुर जोन के छह जिलों के 25 नव धनाड्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के रडार पर हैं। एलआईयू ने उन्हें चिन्हित कर सूची तैयार की है। ये सभी देखते ही देखते कम समय में ही अमीर हो गए। पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर जोन में कुल ग्यारह जिले हैं। जिनमें से छह जिले कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की सीमा नेपाल से सटी है। इन जिलों की स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) ने अचानक अमीर हुए लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है। एडीजी कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि आय का कोई प्रत्यक्ष श्रोत नहीं होने के बाद भी दो से तीन वर्ष के भीतर इनकी संपत्ति में तेजी से वृद्घि हुई है।
पुलिस को इनके तस्करी में लिप्त होने की आशंका है। हालांकि एलआईयू की सूची में ऐसे नए अमीरों की तादाद डेढ़ सौ से ज्यादा है। लेकिन इनमें से 25 ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है। जिन पर आशंका है कि उन्होंने टेरर फंडिग, ड्रग्स तस्करी और हथियारों की तस्करी से धन अर्जित किया है। जो देश की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य के लिए खतरा हैं। जांच के बाद भूमिका मिलने पर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे चरण में अन्य श्रोतों से अमीर बने लोगों पर होगी कार्रवाई
बहुत से ऐसे नव धनाढ्य भी हैं जिन पर घरेलू उपयोग के सामान और खाद्य पदार्थों की तस्करी में लिप्त होने की आशंका है। उनकी भी सूची तैयार कराई गई है। उनके खिलाफ दूसरे चरण में कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने कहा कि कुछ ऐसे नव धनाढ्यों की सूची तैयार की गई है, जिनकी माली हालत कुछ साल पहले तक बिल्कुल खराब थी। आय का कोई घोषित श्रोत न होने के बाद भी वे बहुत जल्दी अमीर हो गए। इसकी जांच कराई जा रही है। देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने या किसी भी गलत श्रोत से धन एकत्र करने की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।