साल की शुरुआत बिजली निगम के लिए परेशानियों से भरी रही। ठंड बढ़ने से पावर डिमांड में बढ़ोतरी शुरू हो गई। दो से 10 जनवरी के बीच मंडल में 230 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई। जबकि प्रदेश में सिर्फ जनवरी में 10 दिनों में करीब तीन हजार मेगावाट बिजली की खपत बढ़ी है। सर्दी के पीक सीजन में डिमांड में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
दरअसल, बढ़ी गलन और ठंड के चलते ज्यादातर घरों में ब्लोवर, हीटर आदि का इस्तेमाल बढ़ गया है। दिन भर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इधर, शहर का विस्तारीकरण होने के साथ 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही। ऐसे में ठंड में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। अभियंताओं ने बताया कि ठंड के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। शाम सात बजे के बाद बिजली की मांग के घटने का क्रम शुरू हो जा रहा है।वहीं, सुबह छह बजे के बाद मांग में वृद्धि शुरू हो जाती है।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि इधर ठंड के दिनों में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ी है। उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो, इसका ख्याल रखा जाएगा। अधिक बिजली खपत होने पर कनेक्शन की क्षमता बढ़वाने की जरूरत है।
अधिकतर ट्रांसफार्मर ओवरलोड
अचानक खपत बढ़ने से शहर के अधिकतर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं। शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने पर मोबाइल ट्रांसफार्मर का भी इंतजाम है। सभी फीडरों पर अभियंताओं की टीम नजर बनाए रहती है।