स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि आठ मार्च को प्रदेश में पहला केस मिला था। इसके बाद धीरे-धीरे केस मिल रहे थे लेकिन तब्लीगी जमात ने मुश्किलें बढ़ा दी। इसके बाद से अचानक कोरोना के केस बढ़ने लगे। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने जरूरी कदम उठाए। इसी का नतीजा है कि देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में कोरोना काबू में हैं।
हर जिले में दी जाएगी ट्रू नेट मशीन
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि हर जिले को शासन की ओर से ट्रू नेट मशीन दी जाएगी। इसके लिए संबंधित कंपनी को ऑर्डर भी दिया जा चुका है। ट्रूनेट मशीन आने से पॉजिटिव और निगेटिव का पता चल जाएगा, फिर कोरोना की इमरजेंसी जांच में आसानी होगी। 55 ट्रू नेट मशीन के ऑर्डर दिए गए हैं। इनमें 11 मिल चुकी हैं। केवल एक कंपनी इंडिया में ट्रनेट मशीन बना रही है। इस वजह से मशीन मिलने में थोड़ी देरी हो रही है।
सीएचसी और पीएचसी पर शुरू इलाज होगी सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि अब हर सीएचसी और पीएचसी पर इलाज की सुविधा शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके लिए कर्मियों को पीपीई किट भी दिए गए हैं। इमरजेंसी इलाज अब सीएचसी पीएचसी पर मिलेंगे। इसके अलावा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर पीपीई किट और अन्य जरूरत के सामान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में शनिवार तक 7766 केस कोरोना के मिल चुके हैं। इनमें 204 मौतें हुई हैं, जबकि 4462 ठीक होकर घर जा चुके हैं। ठीक होने का दर अन्य प्रदेशों से बेहतर है। 2900 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में 1255 ट्रेनों सहित कोटा, दिल्ली से बस से आए छात्रों, प्रवासी मजदूरों की संख्या जोड़ दी जाए तो करीब 28 लाख लोग अब तक आ चुके हैं। इनमें सबको क्वारंटीन करते हुए जरूरत के अनुुसार लोगों की जांच भी कराई गई है।
आरोग्य सेतु ने पकड़े हैं आठ कोरोना पॉजिटिव केस
स्वास्थ्य मंत्री ने ने केंद्र सरकार का आरोग्य सेतु एप भी कोरोना रोकने की मुहिम में कारगर साबित हुआ है। प्रदेश भर से 33 हजार कॉल आरोग्य सेतु एप के जरिए आए हैं। इनमें आठ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। उन्होंने लोगों से एप को इंस्टाल करने की अपील की है।
मौत के बाद होगी ट्रूनेट मशीन से जांच
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अचानक किसी मरीज की मौत होती है तो उसकी जांच ट्रूनेट मशीन के जरिए कराई जाएगी। रिपोर्ट जल्दी आएगी तो शव को ज्यादा देर तक अस्पताल में नहीं रखना पड़ेगा। अगर कोविड-19 की पुष्टि होती है तो निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
अभी इमरजेंसी इलाज की अनुमति
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन का एलान 31 मई तक किया है। इसके बाद केंद्र सरकार के अनुसार जो एडवाइजरी जारी होगी, उसी अनुसार प्रदेश सरकार फैसला करेगी। साथ ही अस्पतालों को भी उसी अनुसार खोलने की अनुमति दी जाएगी। तब तक इमरजेंसी में इलाज की अनुमति दी गई है।