प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद के 1606 किसानों को 17,1669325 रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजा गया है। यह रकम खरीफ की फसल में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के रूप में किसानों को दी गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा 2016 में लागू होने के बाद से इतनी धनराशि पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा दी गई है।
जनपद में कार्यरत भारत सरकार की बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह कुशवाहा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से जितनी ग्रामपंचायतें प्रभावित हुई थीं, उनका सर्वे जिलाधिकारी द्वारा गठित कमेटी ने मौके पर जाकर किया था। उसके बाद फसल कटाई का जायजा लिया गया। दोनों प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जनपद में कुल बीमित किसान 1606 पाए गए।
उन किसानों को फसल बीमा का 17,1669325 रुपये की धनराशि दी गई। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में जांच कर क्षतिपूर्ति का 25 प्रतिशत किसानों के खाते में भेजा जाता है। वह धनराशि जनवरी 2021 में 1938 किसानों के खाते में 1.7759077 रुपये भेजे गए थे। उसके बाद फसल कटाई से जो उत्पाद प्राप्त हुआ था उस आधार पर 14669 को उसमें जोड़ा गया। इस तरह से 1606 किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया गया।
इन किसानों को सबसे अधिक क्षतिपूर्ति राशि दी गई
- अनारकली देवी -बीमित क्षेत्र 5.8 हेक्टेयर, क्षतिपूर्ति राशि-3,31,149 रुपये
- ध्रुव नारायण पांडेय-बीमित क्षेत्र 4.55 हेक्टेयर, क्षतिपूर्ति राशि- 300145 रुपये
- मुकुंद सिंह-बीमित क्षेत्र 4.5 हेक्टेयर, क्षतिपूर्ति राशि-296848 रुपये
- हरिशंकर पांडेय-बीमित क्षेत्र 5.88 हेक्टेयर, क्षतिपूर्ति राशि 295509 रुपये
- लालता प्रसाद-बीमित क्षेत्रफल 4.7 हेक्टेयर, क्षतिपूर्ति राशि 268481रुपये