- नौकरी के दौरान पद का दुरुपयोग कर सर्विस बकाया और गाड़ियों की बिक्री की रकम हड़पने का आरोप
- ऑर्बिट ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ने कर्मचारी पर दर्ज कराई प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी ऑर्बिट ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत सर्विस एडवाइजर पर वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी के निदेशक अभिषेक अग्रवाल ने शाहपुर के घोसीपुरवा गीता वाटिका निवासी सर्विस एडवाइजर गौस अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
निदेशक ने बताया कि उनकी ऑटोमोबाइल कंपनी का हरसेवकपुर, नकहा नंबर-2 में वर्कशॉप है। इसमें गौस अली सर्विस एडवाइजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि गौस अली ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गाड़ियों की सर्विसिंग के दौरान ग्राहकों से ली गई सर्विस बकाया राशि कंपनी में जमा नहीं की। इस मद में कुल 8 लाख, 81 हजार,509 रुपये का बकाया सामने आया है। आरोप है कि आरोपी मैनुअल गेट पास या छोटा बिल बनाकर गाड़ियों को सर्विस के बाद बाहर निकाल देता था और पूरी रकम अपने पास रख लेता था। यही नहीं, कंपनी की टू वैल्यू शाखा से गाड़ियों का बिल बनवाकर उन्हें किसी अन्य व्यक्ति को बेचने और बिक्री के बाद मिली 6.22 लाख रुपये की रकम भी अपने निजी लाभ के लिए उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा कुछ ग्राहकों से सर्विस के नाम पर रुपये अपने खाते में मंगाकर गाड़ियों को बिना सर्विस किए सेंटर पर ही छोड़कर भागने का भी आरोप है। कंपनी को कुल 15 लाख, 03 हजार, 506 रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि ग्राहकों के लगभग 43 हजार रुपये भी गबन किए गए हैं।
कंपनी के निदेशक ने मामले में एसएसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में थाना प्रभारी चिलुआताल सूरज सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।