सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी 17 ऑक्सीजन प्लांटों की जांच पिछले महीने की गई है। इनमें हरनही और सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन की शुद्धता ठीक नहीं मिली है। मानक के अनुसार 93 से ऊपर ऑक्सीजन की शुद्धता होनी चाहिए। जबकि, इन दोनों केंद्रों पर 90.3 के आसपास ऑक्सीजन की शुद्धता मिली है।
| स्थान |
क्षमता एलएमपी में (लीटर प्रति मिनट) |
बेड |
| बीआरडी मेडिकल कॉलेज |
1000 |
1000 |
| जिला अस्पताल |
1960 |
305 |
| महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय |
600 |
200 |
| चौरीचौरा सीएचसी |
500 |
50 |
| 100 बेड टीबी अस्पताल |
400 |
100 |
| कैंपियरगंज सीएचसी |
300 |
60 |
| हरनही सीएचसी |
300 |
50 |
| एम्स |
400 |
100 |
| होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज |
300 |
100 |
| सहजनवां सीएचसी |
333 |
30 |
| चरगांवा सीएचसी |
250 |
30 |
| पिपरौली सीएचसी |
333 |
30 |
| महिला अस्पताल |
1000 |
200 |
| बासगांव सीएचसी |
166 |
30 |
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने कहा कि 17 ऑक्सीजन प्लांट अस्पतालों में लगा दिए गए हैं। इनकी जांच की जा चुकी है। तीसरी लहर में प्लांट की जरूरत नहीं पड़ी थी। इस बार भी विभाग कोरोना से लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।