डीडीयू में 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का समापन, 200 प्रतिभागियों ने की सहभागिता
गोरखपुर। डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स ''''रीसेंट ट्रेंड्स इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'''' का बुधवार को समापन हुआ। मुख्य अतिथि मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक करुणेश शुक्ला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में दुनिया के साथ-साथ मानव व्यवहार को भी व्यापक रूप से प्रभावित करने जा रहा है। इसलिए इसे समझना और स्वीकार करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने एजेंटिक, जनरेटिव एवं मल्टीमॉडल एआई को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं का आधार बताते हुए एथिकल एआई के महत्व पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम का आयोजन मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) एवं भौतिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम में 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 200 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
समापन सत्र का प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। विभिन्न टीमों के प्रतिभागियों ने हिंदी, संस्कृत, बंगाली, मराठी और पंजाबी भाषाओं में कविता पाठ, गीत, स्तोत्र एवं साहित्यिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा, समाज, प्रकृति और मानवीय संबंधों पर आधारित रचनाओं ने सभी को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. राकेश कुमार तिवारी ने प्रतिभागियों को असाइनमेंट, शोध पत्र, प्रस्तुतीकरण एवं प्रमाणपत्र से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप में समय से जमा करने और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए आयोजन समिति से संपर्क करने की सलाह दी।
संचालन डॉ. तुलिका मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने किया। समापन संबोधन में प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों में एआई साक्षरता, नवाचार एवं शोध क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है।