क्वारंटीन सेंटर में स्कैनिंग करते चिकित्सक।
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जिले के 20 ब्लॉकों में शनिवार तक दूसरे प्रांतों से आए 13618 लोग क्वारंटीन किए जा चुके हैं। इसमें सात दिनों के भीतर दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा आदि प्रदेशों से आए 5958 लोग ग्रामपंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों, सामुदायिक भवन या पंचायत भवनों में क्वारंटीन किए गए हैं। जबकि उसके पहले 7660 लोगों को उनके घरों में क्वारंटीन किया गया है। बाहर से आए पुरुषों को ही बाहर, जबकि महिलाओं और बच्चों को घर में ही क्वारंटीन किया गया है।
सीडीओ हर्षिता माथुर के मुताबिक, सभी 20 ब्लाकों में 1395 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। अभी किसी की भी क्वारंटीन अवधि पूरी नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बाहर से आए सभी लोग अपनी सूचना प्रशासन को दें। जानकारी छिपाने से न केवल वह खुद, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी खतरे में डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए ही शासन-प्रशासन ने लॉकडाउन और क्वारंटीन का निर्णय किया है। यह जनता के हित में है। इसमें सभी का सहयोग जरूरी है। क्वारंटीन सेंटर पर अगर किसी तरह की दिक्कत हो तो वह इसकी जानकारी संबंधित प्रधान और पंचायत सचिव को दें, उसका निस्तारण कराया जाएगा। अगर कोई घर से खाना मंगाना चाहता है तो उसकी भी सुविधा है।