गोरखपुर में बरसात में शहर के किसी भी मोहल्ले में जलभराव न हो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस चेतावनी के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने भी सक्रियता बढ़ा दी है।
प्राधिकरण ने अपनी सभी कॉलोनियों के नाला-नालियों की तल्लीझार सफाई के लिए रूपरेखा तैयार की है। इसके लिए 100 सफाई कर्मचारियों की टीम बनी है। संबंधित अवर और सहायक अभियंताओं की निगरानी में सफाई होगी। जीडीए उपाध्यक्ष भी सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कहीं भी लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह, जीडीए उपाध्यक्ष ने 100 करोड़ से अधिक की लागत से निर्माणाधीन नाला-नालियों का निर्माण हर हाल में 15 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। नालियों की बेहतर व्यवस्था और ठीक से सफाई नहीं होने से जीडीए की तारामंडल क्षेत्र की वीआईपी कॉलोनियों में कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
बुद्ध विहार पार्ट सी, बी, ए और व्यावसायिक कांप्लेक्स के आसपास घुटने भर पानी लगा रहता है। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने पिछले बरसात के मौसम के बाद से ही उपाय तलाशने शुरू कर दिए। कुछ सड़कों को ऊंचा किया गया है, तो कुछ को ऊंचा करने का काम जारी है। वहीं, नालियों का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने सभी निर्माणाधीन नालियों का ब्योरा तलब किया। इंजीनियरों को निर्देश दिया कि 15 अप्रैल तक सभी नालियों का निर्माण पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने 100 सफाई कर्मचारियों का नाला गैंग बनाया है। यह गैंग मानसून से पहले और बाद में नालों की नियमित सफाई करेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि प्राधिकरण 100 करोड़ से अधिक की लागत से नालों का निर्माण करा रहा है। मानबेला, राप्तीनगर विस्तार से लेकर तारामंडल क्षेत्र में तेजी से नाला निर्माण कराया जा रहा है। 15 अप्रैल तक सभी नाला-नालियों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। नालों की सफाई के लिए भी नाला गैंग बनाकर उसे सक्रिय कर दिया गया है।