आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के नथमलपुर कौड़ियहवा निवासी अभियुक्त उषा देवी और उसके पिता मगरू को 10 साल के कठोर कारावास व 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी कन्हैया बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र के ग्राम भरथरी का निवासी है। उसने अपने लड़के रामजी की शादी अभियुक्त उषा देवी के साथ की थी। शादी के बाद उषा देवी बार-बार मायके भाग कर चली जाती और वहीं रहने लगी।
उसके दबाव पर रामजी भी अपने ससुराल में ही रहने लगा। रामजी की पत्नी उषा देवी और उसके परिवार वाले उसके ऊपर दबाव बनाने लगे कि अपने घर वालों से एक लाख रुपये मांग कर लाओ। इसके लिए उसे प्रताड़ित भी करने लगे। इसी से क्षुब्ध आकर रामजी ने 14 नवंबर 2008 को आत्महत्या कर ली।