- औद्योगिक भूखंडों के लिए 11 रुपये प्रति वर्ग मीटर वार्षिक की दर से करना होगा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर औद्याेगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने पांच साल के बाद भूखंडों के अनुरक्षण (मेंटेनेंस) शुल्क की दरों को संशोधित कर दिया है। इसमें हर वर्ग के भूखंड में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे औद्योगिक भूखंडों के लिए 11 रुपये प्रति वर्ग मीटर वार्षिक की दर से अब भुगतान करना होगा। यह सड़कों, नालियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए लिया जाता है।
22 मई को गीडा में हुई बैठक में अनुरक्षण शुल्क को संशोधित करने का निर्णय लिया गया था। इसमें पिछले पांच साल से कोई बदलाव नहीं हुआ था। इसलिए सभी वर्गों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है, लेकिन संशोधित दरें केवल एक साल के लिए ही प्रभावी रहेंगी। इसे 01 जनवरी से 31 दिसंबर 2023 तक ही प्रभावी माना जाएगा। यह बदलाव औद्योगिक, संस्थागत, आवासीय और व्यावसायिक सभी तरह के भूखंडों पर लागू होगा।
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गीडा बोर्ड की बैठक में समय विस्तारण शुल्क को लेकर भी निर्णय लिया गया था। पहले, आवंटन के बाद दो साल पूरा होने पर न्यूनतम एक साल के लिए समय का विस्तारण लेना होता था, लेकिन अब तीन महीने का समय विस्तारण भी लिया जा सकेगा। इसका फायदा उन उद्यमियों को होगा, जिनकी इकाई की स्थापना का काम दो साल पूरा होने के दो या तीन महीने बाद ही पूरा हो जाता था। उन्हें अब पूरे साल का शुल्क नहीं देना होगा। तीन महीने का समय विस्तारण लेते समय पूरे साल के विस्तारण शुल्क का एक चौथाई ही भुगतान करना होगा। काम पूरा होने के बाद पूर्णता प्रमाणपत्र देने पर इसे लागू माना जाएगा।
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यह है अनुरक्षण शुल्क
भूखंड - पुरानी दरें - नई दरें
संस्थागत - 10 - 11
आवासीय - 20 - 22
व्यावसायिक - 30 - 33
औद्योगिक - 10 - 11
नोट :सभी दरें रुपये प्रति वर्ग मीटर वार्षिक में हैं।
गीडा की तरफ से भूखंडों के अनुरक्षण शुल्क में पांच साल बाद ही संशोधन किया गया है। अभी इसे केवल एक साल के लिए लागू किया गया है।
पवन अग्रवाल,सीईओ गीडा
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