देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से जिले में आने वाले जिन लोगों की कोरोना जांच की रिर्पोट पॉजिटिव होगी। उनमें से 10 फीसदी लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) या बीएचयू भेजे जाएंगे। इसका मकसद कोरोना के नए स्ट्रेन के प्रसार का पता लगाना है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों व लैब प्रभारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि दूसरे राज्यों व विदेश से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच की जाए। साथ ही पॉजिटिव मिलने वाले 10 प्रतिशत मरीजों के नमूने हर सप्ताह जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएं।
अभी नहीं मिली पांच दिन पहले भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट
मुंबई से आए दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए करीब पांच दिन पूर्व नमूना केजीएमयू भेजा था। लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि पश्चिमी यूपी से अधिक नमूने आने की वजह से रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि दूसरे राज्यों व विदेश से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। पॉजिटिव मिलने पर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नमूना भेजवाया जा रहा है। 10 दिन के भीतर मुंबई से आए तीन लोगों में संक्रमण मिल चुका है। इनमें से एक युवक देवरिया का रहने वाला है। जबकि दो गोरखपुर के रहने वाले हैं।