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Gorakhpur News: एम्स में 10 लिफ्ट खराब... मरीज ही नहीं कर्मचारी भी परेशान

Thu, 08 Aug 2024 07:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। एम्स में मरीज, तीमारदार के अलावा कर्मचारियों की सुविधा के लिए लगाई गई 20 में से 10 लिफ्ट खराब है। इससे दूसरे और तीसरे फ्लोर पर चल रही ओपीडी तक मरीजों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। वार्ड में भर्ती मरीजों तक पहुंचने के लिए परिजनों को या तो सीढ़ी का सहारा लेना पड़ रहा है अथवा दूसरी लिफ्ट से जाकर गैलरी में चक्कर लगाना होता है।
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जांच और अन्य जरूरी काम के लिए भी लिफ्ट से अधिक भरोसा लोग सीढि़यों पर ही करते हैं। हालांकि, एम्स प्रशासन का दावा है कि परिसर में लिफ्ट मेंटेनेंस के लिए एक निजी कंपनी के दो अभियंता कार्यरत हैं, वे सभी की नियमित निगरानी व मरम्मत भी करते हैं।
मंगलवार को ओपीडी की चार नंबर लिफ्ट का गेट फंस गया था, जिसे गार्ड ने चाबी लाकर खोला। बुधवार को ओपीडी में आए मरीज इस लिफ्ट से जाने से कतरा रहे थे। मरीज और तीमारदार ओपीडी तक पहुंचने के लिए लिफ्ट से ज्यादा सीढ़ियों को भरोसेमंद बता रहे थे। मरीजों का कहना था कि लिफ्ट के पास लगे दरवाजे भी अक्सर अटक जा रहे हैं। इस कारण दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है। वार्ड में लिफ्ट और सीढ़ियां कहां हैं यह तो समझ आ जाता है, लेकिन ओपीडी में सीढ़ियों को खोजना पड़ता है।
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बता दें कि ओपीडी में एक लिफ्ट, वार्डों में लगी आठ लिफ्ट और प्रशासनिक भवन में लगी एक लिफ्ट खराब है। इस वजह से जो लिफ्ट चल रही हैं, उन पर अनावश्यक दबा पड़ रहा है। इस कारण बची लिफ्ट भी जवाब दे देती है।

निजी कंपनी करती है देखरेख
एम्स में लगी लिफ्टों के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी गई है। कंपनी के दो इंजीनियरों की भी एम्स में तैनाती है। एम्स प्रशासन का कहना है कि कंपनी की तरफ से परिसर में लगी सभी लिफ्टों की नियमित निगरानी व मरम्मत कराई जाती है। कोई लिफ्ट खराब नहीं है, सभी चालू हालत में हैं। जहां कहीं दिक्कत होती है तो ये अभियंता तत्काल प्राथमिकता के आधार पर लिफ्ट की मरम्मत करते हैं।

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मरीज बोले
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए आई थी। थायराइड समेत कई जांच करानी थी। लिफ्ट के पास गई तो वहां भीड़ थी। इसलिए सीढि़यां खोजने लगी।
- अनीता गुप्ता, महराजगंज
लिफ्ट में जाने के लिए लोग पहले से खड़े थे। दूसरी लिफ्ट खराब है, इसलिए वापस आने तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग ऐसे थे, जो सीढि़यों से ही ओपीडी में गए।
- शंभू यादव, मरीज, चंपारण
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वर्जन-
परिसर में लगीं सभी लिफ्ट ठीक हैं। रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर होता है। मरीजों को किसी तरह की समस्या हो रही है तो वह शिकायत करें। उसे दूर किया जाएगा।
- डॉ. विजयलक्ष्मी, सह मीडिया प्रभारी, एम्स
गार्डों को दिया गया प्रशिक्षण
एम्स में लिफ्ट का गेट फंसने की खबर का संज्ञान लेते हुए बुधवार को यहां के गार्डों को भी आपातकालीन स्थिति से निपटने का तरीका समझाया गया। लिफ्ट अभियंता ने गार्डों को आपात स्थिति में चाबी से गेट खोलने के तरीकों के बारे में अभ्यास कराया। इसके अलावा लिफ्ट संचालन पर निगरानी के बारे में भी समझाया गया। वार्ड और ओपीडी में ड्यूटी करने वाले गार्डों को हिदायत दी गई है कि लिफ्ट ओवरलोड होने या इस तरह की दिक्कत आने पर तत्काल मरीजों व तीमारदारों को समझाएं, जिससे कि लिफ्ट में कोई न फंसे।
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