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जींस खरीदते से पहले ध्यान रखें इन बातों का

Tue, 31 May 2016 01:12 PM IST
निकिता अमर झा
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- फोटो : gettyimages
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अमरीकी मजदूरों के लिए सख्त और टिकाऊ लिबास के विकल्प के तौर पर जींस का प्रयोग शुरू हुआ था, लेकिन अब यह आरामदायक परिधान और फैशन का पर्याय बन गई है। 19वीं सदी से बनती आ रही जींस की कहानी बताते हुए मशहूर फैशन डिजाइनर आसिफ मर्चेंट कहते हैं, "साल 1873 में पहली नीली जींस आई थी, जिसे अमरीकी मजदूरों के लिए बनाया गया था।"
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आसिफ जींस के बारे में कहते हैं कि ये वो लिबास है, जिसे सभी अपनी जेब के हिसाब से खरीद सकते हैं। जींस का एक जोड़ा हर किसी के पास मिल जाता है। वो कहते हैं कि लोग जींस खरीदते समय कई जरूरी चीज़ों को नजरअंदाज कर देते हैं। आसिफ के कहे इस तथ्य की पड़ताल के लिए बीबीसी ने फैशन जगत के कुछ और विशेषज्ञों से बात की।

जींस की खरीदारी के बारे में आसिफ ने कहा कि जींस खरीदने से पहले लेबल जरूर जांचना चाहिए ताकि जींस में डेनिम यानी कॉटन की मात्रा पता कर सकें। वो बताते हैं कि कई बार खिंचाव बढ़ाने के लिए डेनिम के साथ लाइक्रा भी मिला दिया जाता है। यदि आपकी जींस में डेनिम का प्रतिशत 90 से 100 न हो, तो वो आरामदायक नहीं होगी। वहीं फ्रीलांस डिजाइनर अभिषेक गुप्ता कहते हैं, "आमतौर पर 650 रुपए में बनी जींस 1900 रुपए तक में बिकती है। सस्ती और महंगी जींस में डेनिम की क्वॉलिटी और मात्रा का ही अंतर होता है।"
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आसिफ कहते हैं कि जींस का चुनाव अपने शरीर की बनावट के अनुसार ही करना चाहिए। वो उदाहरण देते हुए कहते हैं, "ओवरसाइज्ड जींस अफ्रीकी अमरीकी मजदूरों के लिए बनाई गई थी, जिनका शरीर तंदुरुस्त और कमर बड़ी होती थी। लेकिन जब वही जींस कोई पतला-सा आदमी पहन ले, तो वो झोला पहने हुए आदमी की तरह दिखाई देता है।"
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जींस खरीदते से पहले ध्यान रखें इन बातों का

- फोटो : gettyimages
सवाल उठता है कि किस बॉडी टाइप पर कैसी जींस फबेगी? सबसे पहले बात करते हैं स्किनी या स्लिम फिट जींस की।

आसिफ कहते हैं कि स्किनी जींस पतली टांगों वालों पर फबती है, क्योंकि यह जींस शरीर से बिल्कुल चिपकी होती है। वो ज्यादा दुबले लोगों को इसे ना पहनने की सलाह देते हैं।

वहीं फैशन कंसल्टेंट जिशान शेख स्ट्रेट फिट या रेग्युलर फिट को क्लासिक फिट कहते हैं।

सुडौल शरीर वालों के लिए फैशन कंसल्टेंट बिलाल हुसैन आर्क-शेप्ड जीन्स या कर्व्ड जीन्स को बेहतरीन विकल्प बताते हैं। वो कहते हैं कि इसकी बनावट स्ट्रेट-फिट के विपरीत होती है और उन लोगों पर जंचती है, जिनकी जांघें और पैर मोटे होते हैं। वह आगे कहते हैं, "और आज भी ये पैंट्स आरामदायक और उपयोगी हैं। जेबों में जरूरी चीजें डाल कर सैर पर निकला सकता है।" जिनकी जांघें पैरों की तुलना में काफी मोटी हों, उनके लिए फैशन कन्सल्टेंट नौफिल काजी गाजर या टेपर्ड को बेहतर विकल्प बताते हैं। वहीं बूट-कट जींस या बेल बॉटम्स के बारे में आसिफ कहते हैं कि ये जींस बहुत लंबे लोगों के लिए सही है, जो अपना कद छुपाना चाहते हों। लेकिन छोटे कद के लोगों को इसे न पहनने की हिदायत भी देते हैं।

कार्गो जींस की उपयोगिता बताते हुए आसिफ ने कहा कि द्वितीय विश्व-युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों के लिए कई जेबों वाली यूनिफॉर्म तैयार करवाई गई थी, ताकि वो उन जेबों में जरूरी सामान जैसे नक्शा, दवाई वगैरह रख सकें। टेंपर्ड के उलट ओवरसाइज्ड जींस या बॉयफ्रेंड जींस होती है। इनके बारे में आसिफ कहते हैं, "यह शुरू-शुरू में हिप-हॉप स्टाइल की जींस होती थी।" उन्होंने आगे कहा, "आज कल तेजी से बिक रही क्रॉप्ड जींस खासकर उन लंबे लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है, जो अपने पैरों को छोटा दिखाना चाहते हों।"

जींस की कहानी सिर्फ फिट्स तक ही नहीं सीमित नहीं है। इनके बारे में फैशन कन्सल्टेंट बरहन ठेकेदार कहते हैं कि जींस को एसिड वॉश, स्टोन वॉश, ब्लीच वॉश आदि किया जाता है। बरहन की बात से इत्तेफाक रखते हुए आसिफ कहते हैं कि जींस यदि मैली हो, तो वो 'मॅड-वॉश जैसी हो जाती है।
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