आपने अक्सर महसूस किया होगा कि आखिर क्यों कुछ लोग लंबी उम्र में भी जवान दिखते हैं जबकि कुछ लोगों पर बुढ़ापा साफ दिखता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने इस बात का पता लगा लिया है। खोज के मुताबिक इंसानी डीएनए का पहला हिस्सा, द जेनेटिक कोड इस बात के लिए जिम्मेदार है कि आप कितने जवान दिखते हैं।
'करेंट बायोलॉजी जरनल' की रिपोर्ट के मुताबिक शरीर को हानिकारक यू वी किरणों से बचाने के लिए द म्यूटेशन को आनुवंशिक निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि ये बालों के रंग को लाल बना सकता है।
विशेषज्ञ इस बात के लिए सावधान कर रहे हैं कि आंखों, त्वचा या बालों के रंग से खोज का निष्कर्ष भ्रमित हो सकता है। 'पर्सीव्ड एज' के अध्ययन को नीदरलैंड के इरास्मस विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर और यूनिलीवर ने किया है। कंपनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर डेविड गनन के मुताबिक, 'पर्सीव्ड एज' एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे सभी लोग वाकिफ हैं।
उन्होंने बीबीसी न्यूज वेबसाइट में कहा, "आप ऐसे दो लोगों से मिलते हैं जिनसे आप 10 सालों से नहीं मिले और आप नोटिस करते हैं कि उनमें से एक बिल्कुल वैसे ही दिखता है जैसी छवि आपको याद है और फिर दूसरे को देखते हैं और आप सोचने लगते हैं 'वाह इन्हें क्या हुआ?' 2693 लोगों की बिना मेक-अप वाली तस्वीरों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किया गया जिससे ये पता लगाया जा सके कि वो कितने उम्र के लगते हैं।
खोज का अगला पडाव था इन 2693 लोगों का डीएनए परिमार्जन करना जिससे किसी भी बदलाव या परिवर्तन का पता लगाया जा सके जो कम उम्र के दिखने वालों में ज्यादा व्याप्त है। सभी तथ्य एमसी1आर जीन की तरफ इशारा करते हैं जो मेलानिन पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण हैं जो सीधे त्वचा के रंग पर असर डालता है और सूरज की हानिकारण किरणों से बचाता है।
लेकिन ये जीन कई अलग आकार और रूपों में आता है जो बालों के रंग को लाल बनाता है इसलिए इसका उप-नाम 'द जिंजर जीन' रखा गया है। अध्ययन में पाया गया कि जीन के कुछ रूपों के कारण औसतन लोग अपनी उम्र से दो साल छोटे दिखते हैं उन लोगों के मुकाबले जिनमें एमसी1आर के दूसरे रूप पाए जाते हैं।
इरासमस के प्रोफेसर मैनफ्रेड केयसर ने बीबीसी न्यूज वेबसाइट को बताया, "खुशी की बात है कि हमने आखिरकार ऐसे जीन का पता लगा लिया और अब आगे हम ऐसी और भी खोज कर पाएंगे।" "ये रोचक है क्योंकि ये जानी पहचानी प्रक्रिया है जिसका अब तक कोई कारण नहीं मिल पाया था कि आखिर क्यों कुछ लोग जवान दिखते हैं।"
हालांकि शोधकर्ता ये फिलहाल नहीं बता सके कि आखिर क्यों एमसी1आर का ऐसा असर होता है। उन्होंने इस बात का अध्ययन किया कि इसके विभिन्न प्रकार धूप से त्वचा के नुकसान को बदल सकते हैं, लेकिन ये असली कारण नहीं लगते।
झुर्रियों बनने का कारण और क्या आप कुछ कर सकते हैं? यूके मेडिकल रिसर्च काउंसिल के ह्यूमन जेनेटिक्स यूनिट के प्रोफेसर यान जैक्सन का कहना है कि ये अध्ययन बेहद रोचक है लेकिन जवानी बरकरार रखने के कारण से अभी भी अंजान हैं। उन्होंने कहा, "एमसी1आर जीन, लाल बालों और हल्के रंग की त्वचा का प्रमुख कारण है और वो ये कहना चाहते हैं कि इसका असर लोगों में उनकी उम्र से उन्हें थोडा छोटा दिखाता है, लेकिन मैं इस बात पर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूं।"
शोधकर्ताओं का कहना है कि अलग-अलग त्वचा के रंगों का कारण जानने के लिए वे अपने डेटा को समायोजित करते हैं। लेकिन प्रोफेसर जैक्सन ने कहा, "सवाल है कि वो इसके लिए कितने बेहतर तरीके से समायोजित कर रहे हैं, बालों और आंखों के रंग का क्या। मेरा ये मानना है कि वो पिगमेनटेशन के पहलुओं को देख रहे हैं।" "मुझे संदेह है कि हल्के रंग की त्वचा वाले कम उम्र के दिखते हैं और ये हल्के रंग, नीली आंखे, सुनहरे बाल या लाल रंग के होते हैं।
और भी रिसर्च किए जाएंगे लेकिन डॉक्टर गनन उम्मीद रखते हैं कि खोज के परिणाम ऐसे पदार्थों को बाजार में लाएंगे जो लोगों को उम्र छुपाने में मदद करेंगे। एक्स्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टिम फ्रेलिंग ने कहा, "ये एक रोचक खोज है जो दर्शाता है कि कैसे जेनेटिक्स उम्र बढने की प्रक्रिया और बीमारी होने की प्रक्रिया पर भी असर डालता है।"
"हालांकि ये दिलचस्प है, लेकिन शोधकर्ता इस बात को कबूल करते हैं कि अभी उन्हें और जेनेटिक बदलाव का अध्ययन करना पडेगा जिससे किसी की भी उम्र के बारे में जानकारी केवल डीएनए से पता लगाई जा सके।"