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Fact Check: मेरठ में इमाम को गोली मारने के घटना में कोई संप्रदायिक एंगल नहीं, जानें पड़ताल में घटना का सच

Mon, 07 Oct 2024 11:26 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इमाम को किसी हिंदू व्यक्ति ने गोली मार दी।  
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में देखा जा रहा है कि एक व्यक्ति अस्पताल के बिस्तर पर जख्मी हालत में लेटा हुआ है। उसके सिर पर पट्टी बंधी हुई है और ऑक्सीजन मास्क चेहरे पर लगा हुआ है। 
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क्या है दावा

वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये व्यक्ति मस्जिद का इमाम है। इमाम को किसी ने गोल मार दी है। दावा किया जा रहा है कि इस इमाम को किसी हिंदू ने गोली मारी है। इस मामले को सांप्रदायिक बताकर शेयर किया जा रहा है। ये मामला मेरठ का बताया जा रहा है। 

अनिरुद्ध सिंह विद्रोही (@MandalArmyChef) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ये कट्टर धार्मीक जॉम्बी देश के और कितने टुकड़े करेंगे? मेरठ के लिसाड़ी गेट में कासमी मस्जिद के इमाम नईम को मस्जिद में घुसकर गोली मारी गई है, इमाम बच्चों को कुरान की तिलावत करवा रहे थे उसी वक़्त एक युवक मस्जिद में घुसा और गोली मार तमंचा फेंक कर भाग गया, इमाम नईम की हालत गंभीर बताई जा रही है!”
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सऊद खान (@SaudKha97088351) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भारत में यूपी, मेरठ- लिसाड़ी गेट में कासमी मस्जिद के इमाम को मस्जिद के अंदर गोली मार दी गई। इमाम बच्चों को कुरान पढ़वा रहे थे, तभी कुछ युवक मस्जिद में घुसे और उन्हें गोली मार दी और बंदूक फेंक कर भाग गए। इमाम नईम की हालत बहुत गंभीर है।”
 

पड़ताल 

इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें मेरठ के इमाम के साथ हुई गोली कांड की घटना के बारे में पता चला। खबर के मुताबिक लिसाड़ी गेट क्षेत्र की मस्जिद में इमाम को गोली मारने वाला सरताज बदमिजाज किस्म का है। वह पहले भी मस्जिद में कई लोगों से बदसलूकी कर चुका है। उसकी हरकतों से तंग आकर दो महीने पहले इमाम नईम ने उसे मस्जिद में नमाज के लिए आने से मना किया था। इससे वह खफा हो गया था। तभी से इमाम से बदला लेने की फिराक में था।

करीब दो माह पहले मस्जिद में एक बुजुर्ग ने उसकी टोपी ठीक की थी। उसने टोपी गलत तरीके से पहन रखी थी। इस पर सरताज की बुजुर्ग से कहासुनी हो गई थी। उसने बुजुर्ग को जोरदार घूंसा मार दिया था। इसके बाद इमाम ने सरताज को डांट दिया था। मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए मना कर दिया। इसके अलावा यह बात भी सामने आ रही है कि सरताज के घर का कोई सदस्य बीमार है। वह मौलाना से झाड़-फूंक करवाता है, लेकिन ठीक होने के बजाय उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। इस बात से भी वह इमाम से नाराज बताया जा रहा है। 

इस खबर से ये साफ हो गया कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है क्योंकि दोनो की व्यक्ति एक ही समुदाय से संबंध रखते थे। 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है। 








 
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