सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा है कि सिंधिया बजरंग दल की आलोचना करते नजर आ रहे हैं। फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इस वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
इस 30 से 40 सेकंड के वीडियो को शेयर करके लोग दावा कर रहे हैं कि ये हाल का वीडियो है। कई लोग दावा कर रहे हैं कि सिंधिया का भाजपा से मन भर गया है। सिंधिया इस वीडियो में कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि बजरंग दल मुंह पर राम बगल में छूरी रखते है। सिंधिया ने बजरंग दल के एक सदस्य बलराम को पाकिस्तान का जासूस भी बताया।
स्वाति दीक्षित (@vibewidyou) नाम की एक एक्स यूजर ने लिखा “बीजेपी के जन नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का बजरंग दल पर नजरिया, मैं इस मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन करती हूं”
“
हम लाएंगे बदलाव क्रांतिकारी” नाम के एक फेसबुक यूजर ने लिखा “लगता है सिंधिया जी का बीजेपी में दिन भर गया है”
पड़ताल
वीडियो के बारे में जानकारी के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें कांग्रेस पार्टी के
यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो का पूरा वीडियो मिला। इस वीडियो को चैनल पर 17 फरवरी 2017 में शेयर किया गया था। यहां से ये साफ हो गया कि वीडियो पुराना है।
वीडियो के कैप्शन के अनुसार, फरवरी 2017 में कांग्रेस मुख्यालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने AICC प्रेस वार्ता की थी। वीडियो में ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले जासूसी के आरोपी बलराम सिंह का जिक्र करते हैं। वीडियो के 8 मिनट 39 सेकंड टाइम फ्रेम पर उन्होंने बजरंग दल का जिक्र किया है।
इस खबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें 18 फरवरी 2017 को प्रकाशित हुई एक खबर मिली। इस खबर में बताया गया था कि “कांग्रेस का कहना है कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश में जिस आईएसआई नेटवर्क का खुलासा हुआ उसके बाद भाजपा आईएसआई सर्टिफाइड पार्टी गई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के टेलीफोन नेटवर्क में भाजपा, बजरंग दल और विहिप से जुड़े लोग सामने आए हैं।”
इससे ये साफ हो गया कि वायरल हो रहा वीडियो पुराना है जिसका हालिया होने का दावा फर्जी है। ये बयान सिंधिया ने भाजपा में शामिल होने के बाद नहीं दिया था बल्कि कांग्रेस में रहते हुए दिया था। सिंधिया 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पुराना है और इसका हालियाके होने का कोई संबंध नहीं है।