सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कुछ बयान देता हुआ नजर आ रहा है। बयान में पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है कि जब-जब मस्जिद में अजान का समय होगा उसके 15 मिनट पहले और 15 मिनट बाद मस्जिद के 100 मीटर के क्षेत्र में कोई भजन कीर्तन, हनुमान चालीसा का पाठ नहीं होगा।
क्या है दावा
पुलिस अधिकारी के इस बयान को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि नासिक में अजान के समय कोई भी हिंदू पूजा पाठ नहीं कर सकता है। यूजर कह रहे है कि हिंदू अब अपनी शोभी यात्रा भी नहीं निकाल सकते हैं।
संजीव जेपी (@sanjeev_jd) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “सोते रहो अभी तो नासिक से आदेश आया सनातनियों आने वाले समय में सारे भारत में यही होगा तुम सोते रहो वोट मत डालो अपने बच्चों और अपने परिवार का भविष्य अंधकार मय करो।जैसे जैसे इनकी संख्या बढ़ती जायेगी, हर प्रांत से इस प्रकार के आदेश जारी किए जाएंगे।”
रंजन सहाय (@ranjan_27) पहले #Bahraich में SP साहिबा ने "musलिम इलाका" बताया और अब नासिक से फरमान आया है कि दिन भर में पांच वक़्त के अज़ान के समय मस्जिद के आस पास आधे घंटे तक गैर हिन्दू कुछ भी नहीं कर सकते। 15 मिनट पहले और 15 मिनट बाद तक ही क्यों साहब, सीधे सीधे कह दीजिए कि आप अपनी धार्मिक यात्रा निकाल ही नहीं सकते।
पड़ताल
खबर के बारे में जानने के लिए हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें ये मामला 2022 के होने का पता चला। खबर के अनुसार “लाउडस्पीकर विवाद के बीच नासिक प्रशासन ने बड़ा फैसला किया था। अब यहां लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा या भजन बजाने के लिए अनुमति लेनी होगी। नासिक पुलिस कमिश्नर दीपक पांडे ने बताया कि अजान से पहले और बाद में 15 मिनट के भीतर इसकी अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में हनुमान चालीसा बजाने की इजाजत नहीं होगी।”
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से हमें 28 अप्रैल 2022 की एक और खबर मिली। इस खबर में बताया गया था कि “महाराष्ट्र के नासिक में अजान से 15 मिनट पहले और बाद भजन करने पर लगी रोक अब हटा दी गई है। नासिक के नए पुलिस आयुक्त जयंत नायकनवरे ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू किया जाएगा। लाउडस्पीकरों के उपयोग के लिए किसी नए आदेश की आवश्यकता नहीं है। इसलिए नासिक के पूर्व पुलिस आयुक्त दीपक पांडे द्वारा जारी आदेश की अब आवश्यकता नहीं है और इसे रद्द कर दिया गया है।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है मामला दो वर्ष पुराना है।