क्या है दावा?
13 फरवरी से किसानों का आंदोलन चल रहा है। इसके बीच सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक फोटो खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में धोनी गुरुद्वारा में दिख रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा गया, 'महेंद्र सिंह धोनी निमंत्रण के बाद राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गए, लेकिन वह चल रहे किसान विरोध के दौरान गुरुद्वारा गए। एमएसडी ऐसे व्यक्ति हैं जो अभी भी धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रख रहे हैं।'
इस फोटो को डॉ. नीमो यादव कमेंटरी नाम के एक्स यूजर और खालसा जत्था संगठन के प्रमुख गुरप्रीत सिंह आनंद ने पोस्ट किया है। दोनों वेरिफाइड यूजर हैं।
पड़ताल
पूर्व कप्तान की सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर की हमने गहन जांच-पड़ताल की। सबसे पहले हमने खालसा जत्था के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह लंदन में स्थित एक गुरुद्वारा है। लंदन के मध्य में स्थित यह गुरुद्वारा 1908 में बना था। इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह यूरोप में स्थित पहला गुरुद्वारा है।
यहां से संकेत लेते हुए हमने खालसा जत्था के प्रमुख गुरप्रीत सिंह आनंद की सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगाली। सबसे पहले 26 फरवरी 2024 की पोस्ट मिली जिसमें धोनी की तस्वीर साझा की गई थी। हालांकि, कमेंट सेक्शन में कई यूजर ने दावा किया कि फोटो अभी की नहीं है। धोनी के लंदन दौरे पर अधिक जानकारी के लिए हमने
अमर उजाला की स्पोर्ट्स टीम से संपर्क किया जहां से जुलाई 2022 में प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, धोनी उस वक्त लंदन में थे। वे भारत और इंग्लैंड के बीच दोनों वनडे देखने पहुंचे थे। इस दौरान धोनी ने कई सितारों से भी मुलाकात की थी। टी-20 सीरीज के दौरान धोनी टीम इंडिया की ड्रेसिंग रूम में भी पहुंचे थे।
पड़ताल को और पुख्ता करने के लिए हमने गुरप्रीत की इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी खंगाली। इस दौरान धोनी की एक और
तस्वीर मिली जो 17 जुलाई 2022 को पोस्ट की गई थी। जुलाई 2022 की तस्वीर और अभी वायरल हो रही तस्वीर दोनों मिलती-जुलती हैं। इससे पता चलता है कि लंदन में ली गई तस्वीर एक साल से भी ज्यादा पुरानी है।