उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों की लोककला के साथ अलग-अलग किस्मों के फूलों के रंग उत्सव का रविवार को समापन होगा। ढोल-दमाऊ, मशकबीन और रणसिंघा की धुनों के बीच राज्यपाल ने दो दिनी वसंतोत्सव-2016 का शुभारंभ किया। डेढ़ सौ से अधिक प्रजातियों के पुष्पों से पूरा राजभवन परिसर महक उठा।
बच्चों के लिए पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी और पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
राज्यपाल ने अतिथियों संग किया अवलोकन
शनिवार को राजभवन परिसर में मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. केके पाल, विशिष्ट अतिथि कृषि एवं उद्यान मंत्री डा. हरक सिंह रावत और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव केवल पुष्प उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि लोकोत्सव का केंद्र बन चुका है।
यहां लोग अपने पूरे परिवार के साथ प्राकृतिक सौंदर्य, संगीत कला, मनोरंजन और पारंपरिक खान-पान का लुत्फ ले सकते हैं। कृषि एवं उद्यान मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि वसंतोत्सव से राजभवन का नजारा फूलों की घाटी जैसा हो गया है। उन्होंने प्रदेश में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने उन्होंने नक्षत्र वाटिका की स्थापना और ट्यूलिप के प्रयोग के लिए उद्यान विभाग के अधिकारी डा. दीपक पुरोहित की जमकर सराहना की। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह, ओएसडी व सचिव राज्यपाल अरुण ढौंडियाल, राज्यपाल के विधि परामर्शी विवेक शर्मा, पूनम सोबती समेत अन्य मौजूद रहे।