'पायरेसी 100-150 करोड़ तक का झटका दे सकती है' - रमेश बाला
रमेश बाला का मानना है कि लीक का असर पहले दिन की कमाई पर नहीं, बल्कि फिल्म की लंबी दौड़ पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि फिल्म की ओपनिंग पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। लेकिन अगले चार से छह हफ्तों की कमाई प्रभावित हो सकती है। रिपीट ऑडियंस और फैमिली ऑडियंस कम हो सकती है। लोग एक बार फिल्म देखेंगे, लेकिन दोबारा शायद न देखें। पूरी फिल्म एचडी क्वालिटी में लीक हुई है, इसलिए इसका असर कुछ दिनों बाद नजर आएगा।' संभावित नुकसान पर उन्होंने कहा, 'अगर फिल्म में 600 करोड़ रुपये कमाने की क्षमता है तो पायरेसी की वजह से यह 450 करोड़ रुपये तक सिमट सकती है। यानी करीब 100 से 150 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।'
'अच्छा वर्ड ऑफ माउथ नुकसान कम कर सकता है'
एक्सपर्ट का कहना है कि मजबूत वर्ड ऑफ माउथ नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकता है, लेकिन इससे पहले ही अनौपचारिक चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा, 'स्ट्रॉन्ग वर्ड ऑफ माउथ जरूर मदद करेगा। लेकिन तमिलनाडु जैसे राज्यों में जिन्होंने फिल्म देख ली है, वे दूसरों को अनौपचारिक तौर पर अपनी राय बताना शुरू कर देते हैं। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो जाती है, जिसका असर ऑडियंस के थिएटर जाने के फैसले पर भी पड़ सकता है।
'ए सर्टिफिकेट बन सकता है कमाई में बड़ी बाधा
पायरेसी के अलावा रमेश बाला एक और वजह गिनाते हैं, जो फैमिली ऑडियंस को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा, 'ए सर्टिफिकेट की वजह से बच्चे फिल्म नहीं देख पाएंगे। इसका असर फैमिली ऑडियंस पर पड़ सकता है।'
'लीक हो जाए तो फिल्म तुरंत रिलीज कर देनी चाहिए'
रमेश बाला के मुताबिक, ऐसी स्थिति में सबसे असरदार कदम फिल्म को बिना देर किए रिलीज करना होता है। उन्होंने कहा, 'अगर किसी फिल्म के पास सेंसर सर्टिफिकेट हो और वह रिलीज से पहले लीक हो जाए तो उसे उसी शुक्रवार रिलीज कर देना चाहिए। इससे नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।'
'पवन कल्याण की फिल्म से दिया सबक, 'जन नायकन' में नहीं मिला मौका'
उन्होंने आगे उदाहरण देते हुए कहा, 'एक तेलुगु फिल्म के साथ ऐसा हुआ था। पवन कल्याण की एक फिल्म लीक हो गई थी। इसके बाद निर्माताओं ने उसे तुरंत रिलीज कर दिया था, ताकि नुकसान को सीमित किया जा सके। लेकिन "जन नायकन" के मामले में ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि उस समय तक फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला था।'
'विजय की फिल्म पर लीक का 'जीरो इम्पैक्ट' होगा'
जहां रमेश बाला को पायरेसी से लंबी दौड़ में नुकसान की आशंका है, वहीं चेन्नई के जीके सिनेमाज के मालिक रूबन मथिवानन इससे बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने कहा, 'इस लीक का फिल्म पर जीरो इम्पैक्ट है। किसी को फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई है। जिन्होंने पायरेटेड वर्जन देख लिया है, वे भी थिएटर में फिल्म देखने आएंगे। विजय सर और रजनीकांत जैसे सितारों की फिल्मों का असली मजा बड़े पर्दे पर ही आता है।'
'बॉक्स ऑफिस का सबसे बड़ा दुश्मन पायरेसी नहीं, खराब वर्ड ऑफ माउथ है'
हालांकि, उनका मानना है कि सामान्य तौर पर पायरेसी से 30 से 40 फीसदी तक नुकसान हो सकता है। 'जन नायकन' को लेकर उनकी राय अलग है। उन्होंने कहा, 'अगर ऑडियंस को फिल्म पसंद आ जाए, तो पायरेसी भी उसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाती। हां, सामान्य तौर पर देखें तो पायरेसी की वजह से 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि 'जन नायकन' जैसी फिल्म पर इसका कोई खास असर पड़ेगा।'
'पहले पांच दिनों के लगभग सभी शो हाउसफुल हैं'
फिलहाल 'जन नायकन' को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त नजर आते हैं। उन्होंने कहा, 'फिल्म की एडवांस बुकिंग शानदार है। पहले पांच दिनों के लगभग सभी शो हाउसफुल हैं। यहां तक कि पहले सोमवार की बुकिंग भी बहुत अच्छी है। मुझे लगता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई करेगी।' जब उनसे पूछा गया कि क्या यह उत्साह विजय की राजनीति में एंट्री की वजह से है, तो उन्होंने साफ कहा, 'नहीं। वह राजनीति की वजह से बड़े नहीं बने। वह पहले से इतने बड़े स्टार हैं, इसलिए आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।'
अब फैसला बॉक्स ऑफिस करेगा
रिलीज से पहले हुए इस लीक पर इंडस्ट्री की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक तरफ रमेश बाला 100 से 150 करोड़ रुपये तक के नुकसान की आशंका जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ रूबन मथिवानन का दावा है कि 'जन नायकन' पर इसका असर न के बराबर रहेगा। अब रिलीज के बाद आने वाले बॉक्स ऑफिस आंकड़े ही बताएंगे कि किसका आकलन सही साबित होता है।