इसके अलावा राज और डीके ने हाल ही में अभिनेता राजकुमार राव को भी अपने एक प्रोजेक्ट के लिए साइन किया है, जिसमें उनके साथ भूमि पेडनेकर के होने की चर्चा है। राजकुमार राव की फिल्म ‘बधाई दो’ को गर्म करने की ये कोशिश भी हो सकती है क्योंकि समलैंगिक युवती से प्रेम करने वाले एक पीटी टीचर की कहानी की इस कहानी के ट्रेलर को बहुत ज्यादा पसंद नहीं किया गया है। राजकुमार राव दो घर आगे चार घर पीछे वाली अपनी करियर रफ्तार में मगन हैं।
अब सोमवार को नेटफ्लिक्स ने जिस सीरीज ‘गन्स और गुलाब्स’ का एलान किया है और जिसके निर्देशकों के रूप में राज और डीके के नाम का सिक्का उछाला है, उसके चित या पट गिरने के बाद ही ये सामने आएगा कि ये सीरीज कौन सी है? मुंबई के तमाम दूसरे फिल्म निर्माताओं की तरह राज और डीके भी अब ओटीटी के पैसे से सीरीज नहीं बना रहे। वह सीरीज बनाकर ओटीटी को बेच रहे हैं। ‘गन्स और गुलाब्स’ भी ऐसी ही एक कहानी है। बतौर निर्देशक ये उनकी नेटफ्लिक्स के साथ पहली सीरीज होगी।
वेब सीरीज ‘गन्स और गुलाब्स’ को लिखने में राज और डीके की मदद इस बार भी सुमन कुमार और सुमित अरोड़ा ने की है। नेटफ्लिक्स की हाल ही में हुई सालाना बैठक में इसकी हालत भारत में काफी खराब पाई गई। इस ओटीटी की पिछली टीमों ने हिंदी सिनेमा का तमाम सारा बिना बिका या डिब्बाबंद माल नेटफ्लिक्स में खपा दिया जिसके चलते इसकी ब्रांडिंग वैल्यू भारत में काफी खराब हो चुकी है। नेटफ्लिक्स की मार्केटिंग टीम को भी देश के कस्बों और छोटे शहरों में फैल रहे ओटीटी बाजार का अंदाजा नहीं है और न ही ये टीम न्यूट्रल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कोई पहचान ही अभी तक कर पाई है। जानकार बताते हैं कि नेटफ्लिक्स को भारत में कामयाबी के लिए अपनी मार्केटिंग रणनीति बदलनी होगी, अभी तो ये लोग ‘संस्कार टीवी’ देखने वालों को ‘सैक्रेड गेम्स’ बेचने की कोशिश में लगे रहे हैं।