मां के हाथ का खाना और फिटनेसन
संवाद में अभिनेता से पूछा गया, 90 का वो दशक, जब आप फिटनेस को फिल्मों में लेकर आए। आज बहुत से इंफ्लुएंसर हेल्थ टिप्स देते हैं। सुनील शेट्टी के हेल्थ का क्या मंत्र था, जो आज भी वो फॉलो करते हैं? इस पर सुनील शेट्टी ने कहा, 'कंसिस्टेंसी। सोमवार से शनिवार तक, मैं वर्कआउट करता हूं। नींद, अच्छा और सादा खाना। साढ़े छह बजे तक खाना। लोग जिम और प्रोटीन शेक के बारे में बात करते हैं। पहले यह फैसला लेना है कि हमें जिम जाना है। इसमें कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी है। मैं तब भी प्योर खाना खाता था, मां के हाथ का खाना। मां के हाथ से प्यार में घी ज्यादा डल जाता था, उसके लिए वर्कआउट करना। सीजन वाले फल खाना।
'प्रोटीन शेक नहीं पीता'
सुनील शेट्टी ने आगे कहा, 'मैं आज 64 साल का हूं और मैं अगर फिट हूं तो सिर्फ इसलिए कि मैं बहुत साधारण चीजें करता हूं'। मैं कभी प्रोटीन शेक नहीं लेता। मुझे वह अपने खाने में अपनी खुराक में मिल जाता है। लोग जिम और प्रोटीन शेक के बारे में बात करते हैं, लेकिन निरंतरता और अनुशासन जरूरी है। सोमवार से शनिवार कसरत जरूरी है। हर कीमत पर नींद जरूरी है। साढ़े छह-सात बजे से पहले खाना खत्म कर देना जरूरी है। सीजनल फल-सब्जियां खाएं। जो फल-सब्जियां सर्दियों में मिलती हैं, वो गर्मियों में खा रहे हैं तो फायदा नहीं है। मैं कभी प्रोटीन शेक नहीं लेता। मैं नहीं जानता कि वह अच्छा है या बुरा। स्वस्थ रहना बीमार रहने से ज्यादा सस्ता है'।
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बेटे अहान को दी क्या सलाह?
अभिनेता से आगे पूछा गया क्या बेटे अहान के साथ ऐसी चर्चा होती है कि यह सीन ऐसे करना चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, 'नहीं, उसकी अपनी पर्सनैलिटी बाहर आना बहुत जरूरी है। मैंने हमेशा उससे यही कहा कि फेलियर से डरना मत। फेल हुए तो दोबारा कोशिश करना। कुछ और कर लेना, लेकिन टूटना मत। आजकल के बच्चों को एंजाइटी और डिप्रेशन बहुत जल्दी आ जाता है। मोबाइल फोन पर रहते हैं। बच्चे वर्चुअल वर्ल्ड में जी रहे हैं। रियल वर्ल्ड में नहीं जी रहे हैं। आप बस रियल रहें और असफलता से मत डरो। लोग बोल देते हैं कि फ्लॉप एक्टर है। मेरी फिल्म फ्लॉप हुईं, मैं तो फ्लॉप नहीं हुआ'।