अपनी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने वाले लेखक-निर्माता-निर्देशक राम गोविंद का आज सुबह निधन हो गया है। निर्देशक मे अपने घर पर अंतिम सांस ली है। राम गोविंद को 'तोहफा मोहब्बत का' फिल्म के लिए जाना जाता है। यही नहीं वह गीतकार माया गोविंद के पति थे। आज शाम को निर्देशक का अंतिम संस्कार होगा। निर्देशक के फैंस उन्हें श्रद्धांजलि देते नजर आ रहे हैं।
सफल निर्देशक थे राम गोविंद
निर्देशक के सफल फिल्मों की बात करें तो राम गोविंद को पत्तों की बाजी (1986) , बागबान (2003) और तोहफा मोहब्बत का (1988) के लिए जाना जाता है। 14 मई 1964 को उनकी शादी माया गोविंद से हुई। उनका एक बच्चा भी है। बता दें कि आज शाम 5.30 बजे मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस में निर्देशक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बागबान फिल्म की अहम कड़ी थे निर्देशक
राम गोविंद ने फिल्म 'बागबान' को सफल बनाने में एक अहम योगदान भी दिया था। आज के समय में अमिताभ बच्चन की 'बागबान' एक ऐसी फिल्म है, जो हर परिवार में कई बार देखी गई होगी, क्योंकि ये परिवार पर आधारित फिल्म है, जिसकी कहानी हर उम्र के लोगों को लिए रिश्तों की अहमियत सिखाती है। फिल्म को रिलीज हुए भले ही कई साल गुजर गए हो, लेकिन आज भी इस फिल्म का क्रेज दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। आज इस फिल्म से जुड़ी एक और अहम कड़ी टूट गई है। राम गोविंद के जाने से इंडस्ट्री शोक में डूब गई है।
पत्नी ने भी कमाई थी खूब शोहरत
बता दें कि निर्देशक की पत्नी बतौर गीतकार माया ने फिल्म इंडस्ट्री में खूब काम किया। उन्होंने 'डोंट वरी' और 'बेकसूर' जैसे फिल्मों के गाने लिखे तो दलाल फिल्म का गीत 'अटरिया पे लोटन कबूतर रे' के लिए विवादों में भी रहीं। उन्हें कथक में भी महारत हासिल थी। सुपरहिट धारावाहिकों ‘मायका’ और ‘फुलवा’ के गीत उन्होंने ही लिखे।