लोगों को सोचने पर मजबूर किया जाता है
ह्यूमंस ऑफ बांम्बे के साथ बातचीत में कहा कि 'ये लोगों के बारे में नहीं है, यह राजनीति का मामला है।' उन्होंने कहा 'इस तरह के मामलों पर लोग ज्यादा नहीं सोचते, बल्कि लोगों को जबरदस्ती सोचने पर मजबूर किया जाता है। समाज में ऐसी चीजें होती हैं, जो कि अच्छी नहीं है। मैं इससे सहमत नहीं हूं।'
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शोर मचाने वालों को सुना जाता है
जावेद जाफरी ने कहा कि बहुत सारी चीजें हैं जिन पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है, लेकिन गैर जरूरी चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है। कई मामले ऐसे हैं जो नाम बदलने से ज्यादा जरूरी हैं, चीजों नाम नहीं उनकी स्थिति बदलनी चाहिए। नाम में कुछ नहीं रखा है, काम में रखा है। एक खास वर्ग है जो बहुत शोर करता है, वही लोग नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर 10 लोग शोर मचा रहे हैं और 1000 लोग बैठे हैं, तो उन 10 लोगों को सुना जाएगा बाकियों को नहीं।
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क्या है पूरा मामला?
रणवीर अल्लाहबादिया का विवाद समय रैना के शो में विवादित टिप्पणी देने से शुरू हुआ। शो में रणवीर अल्लाहबादिया ने एक प्रतियोगी के मां-बाप को लेकर गलत बयानबाजी की। इसके बाद रणवीर और समय के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। रणवीर अल्लाहबादिया ने लोगों से माफी मांगी है, तो वहीं समय रैना ने अपने शो के सारे एपिसोड डिलीट कर दिए।