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क्या अभिनेत्री गुरदीप कोहली सिर्फ दिल की सुनती हैं!

Wed, 25 Mar 2015 04:02 PM IST
रवि बुले/अमर उजाला, मुंबई ब्यूरो
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अभिनेत्री गुरदीप कोहली इन दिनों प्रेग्नेंट हैं। इस स्थिति में भी वह धारावाहिक दिल की बातें दिल ही जाने के लिए शूटिंग कर रही हैं। सोनी एंटरटेनमेंट के इस सीरियल को लेकर गुरदीप बहुत उत्साहित हैं क्योंकि ऐसा रोल उन्होंने पहले नहीं किया। वह यहां कैंसर से लड़ रही हैं और आने वाली कड़ियों में गंजी नजर आएंगी। गुरदीप कोहली से बातचीत की रवि बुले ने...
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अपनी प्रेग्नेंसी के दिनों में भी आप जटिल रोल निभा रही हैं! क्या यह मुश्किल नहीं है?

-बात तो सच है क्योंकि आनंदिता जो जिंदगी जी रही है, वह बहुत ही कठिन है। उसके लिए एक-एक दिन मुश्किल है। उसे पता है कि उसे कैंसर है, जल्द ही वह अपने परिवार को छोड़ कर इस जीवन को अलविदा कह देगी। इसके बावजूद वह परिवार के लिए खुशियां चाहती है और कैंसर से लड़ कर उसे हराना चाहती है। वह सोचती है कि कैंसर से जीत यह नहीं है कि वह बच जाएगी, बल्कि जीत यह है कि वह मौत को गला कर कैंसर को उसके घर, पति और बच्चों के भविष्य में घुन लगाने से रोक देगी। मुझे लगता है कि यह बहुत भावुक कहानी है। इसमें काफी गहराई है।

क्या आप भी आनंदिता की तरह सोचती हैं?

-मैं इस किरदार को गहराई से महसूस कर रही हूं, लेकिन यह सच है कि मैं ऐसा नहीं सोचती। मैं हर कठिन घड़ी में जीना चाहती हूं। जबकि आनंदिता मृत्यु के बारे में सोच रही है। हम लोग टेलीविजन पर पहली बार युथनिशिया (इच्छामृत्यु) की बात कर रहे हैं।
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अपने रोल के बारे में विस्तार से बताइए।

-कहानी में मेरा किरदार मर जाने की मांग कर रहा है। पति (राम कपूर) ने मुझसे मेरी तीन इच्छाएं पूरी करने का वादा किया है। दो वह पूरी कर चुके हैं। तीसरी इच्छा मैंने मृत्यु को स्वीकार करने की जताई है। मैं कह रही हूं कि मुझे मर जाने दें। आनंदिता को पता है कि पति उससे बहुत प्यार करता है, मगर वह नहीं चाहती कि वह पति के करिअर और बच्चों के विकास में आड़े आए। उसे मालूम है कि उसकी बीमारी गंभीर है और सारा पैसा उस पर ही खर्च हो जाएगा। फिर उसका पति न तो करिअर पर ध्यान दे सकेगा और न बच्चे पढ़ाई तथा अपने विकास पर। इस दर्द को वह नहीं सह सकतीं।

आप इच्छामृत्यु के बारे में क्या सोचती हैं?

-इसे सिर्फ ऐसे न देखें। आनंदिता सिर्फ 35 साल की है और उसका खूबसूरत परिवार है, वह सबसे बहुत प्यार करती है। जीना वह भी चाहती है। परंतु कैंसर की मरीज हो कर नहीं। चूंकि अब मैं यह किरदार निभा रही हूं और सोचती हूं कि वाकई कभी ऐसा हो तो मैं गहरे अवसाद में चली जाऊंगी।

इस रोल में आपके लिए चुनौतीपूर्ण क्या है?

-अभी तो मैंने आराम से शूट किया है मगर आने वाले दिनों की शूटिंग कठिन है क्योंकि अब अस्पताल के सीन होने हैं। जहां आनंदिता एक तरफ मौत के मुंह में जा रही है और दूसरी तरफ उसके होठों पर मुस्कान बनी हुई है।

यह शो दिल की बातें सुनने की वकालत करता है। आप दिल की कितनी सुनती हैं?

- मैं सिर्फ अपने दिल की सुनती हूं। यही कारण है अपनी इस हालत (गर्भावस्था) के बावजूद मैं लगातार शूटिंग कर रही हूं।

क्या आपने कभी सोचा था कि प्रेग्नेंसी के दिनों में भी शूटिंग करेंगी?

-कभी नहीं। जैसा कि सभी महिलाएं सोचती हैं कि ऐसे दिनों में घर में उनका खयाल रखा जाएगा, वह आराम करेंगी, मैं भी यही सोचती थी। परंतु यह जिस तरह की कहानी है, उसे देखकर मुझे फैसला करना पड़ा कि इस स्थिित में भी मैं काम करूंगी।
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