सवाल- आपको इस सीरियल में रोल कैसे मिला?
एक्ट्रेस ने कहा, ‘हां, इस शो का जब पहला प्रोमो आया था तब इसका नाम कुछ और था। तब मैंने भी देखा था कि कोई शो आ रहा है। उस वक्त तक मैं सीरियल से नहीं जुड़ी थी। मुझे बस पता था कि कोई नया शो आ रहा है। फिर मेरे पास प्रोडक्शन से कॉल आया। उसके बाद लुक टेस्ट और सब कुछ हुआ। लेकिन मुझे अब तक विश्वास नहीं हो रहा है कि फाइनली मेरा हो चुका है और ये शो भी हो रहा है।'
सवाल- सीरियल में आपका किरदार काफी सिंपल है लेकिन असल जिंदगी में आंचल साहू कैसी हैं? क्या वह भी परिणीत की तरह हैं?
आंचल साहू ने अपने जवाब में कहा, ‘परिणीत और आंचल में एक चीज मिलती-जुलती है कि दोनों ही थोड़ा कम बोलती हैं। दोनों ही थोड़ा अपने में रहने वाली हैं। बाकी दोनों में कुछ अंतर हैं जैसे दोनों के सपने अलग हैं। आंचल अपने ड्रीम के लेकर जोशीली है लेकिन परिणीत नहीं है। मुझे कैरेक्टर को समझने में थोड़ा समय लगा। लेकिन डायरेक्टर और क्रिएटिव टीम का धन्यवाद कि उन्होंने इतने शानदार तरीके से ये शो लिखा। बहुत मुश्किल होता है कि आप कम शब्दों में अपनी बात को ऑडियंस तक पहुंचाए। परिणीत कम बोलती है लेकिन उसकी आंखों से सब जाहिर हो जाता है। ये किरदार मेरे बाकी रोल से काफी अलग है। मैंने जब बोंदिता का रोल प्ले किया था तब वह काफी एक्टिव और चुलबुली लड़की थी। इसी वजह से ये किरदार मेरे लिए काफी अलग है। मैं अब तक इसे समझ रही हूं।'
सवाल- इस सीरियल के अलावा आपका कोई और प्लान है, जिसे आप आगे करना चाहती हैं?
आंचल ने कहा, 'मैं कभी चीजों को प्लान नहीं करती हूं। मैं बस फ्लो के साथ आगे बढ़ती हूं। मैंने ये भी प्लान नहीं किया था कि ये सीरियल करूंगी। ‘बैरिस्टर बाबू’ के बाद मैंने सोचा था कि थोड़ा ब्रेक लेते हैं। लेकिन जब आपके पास काम आता है तो आप मना नहीं कर सकते। इसी वजह से मैं फ्लो के साथ चलना पसंद करती हूं।'
सवाल- कोई ऐसा किरदार जो आप अपने करियर में जरूर करना चाहती हैं?
आंचल ने अपने आखिरी सवाल के जवाब में कहा, 'मैं चाहती थी कि परिणीत जैसा कोई किरदार मिले और मुझे अब ये मिल गया। हर एक्टर का ये सपना होता है कि उसका किरदार सबसे अलग हो। मैं बहुत धन्य हूं कि मुझे परिणीति मिला। ये मेरे बाकी किरदार से अलग है।'